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01:33 IST

नवी मुंबई: शक की आग में दो घर उजड़े, पति की पिटाई से दो महीने जूझती रही नवविवाहिता, आखिर मौत

घणसोली में पति की मारपीट के बाद नवविवाहिता सायली कदम की दो महीने अस्पतालों में जूझने के बाद मौत, आरोपी पति पुलिस कस्टडी में।

नवी मुंबई: शक की आग में दो घर उजड़े, पति की पिटाई से दो महीने जूझती रही नवविवाहिता, आखिर मौत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नवी मुंबई के घणसोली इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शक और गुस्से में की गई मारपीट ने एक नई-नवेली गृहस्थी को हमेशा के लिए तबाह कर दिया। सायली सागर कदम (उम्र 29, मायके का नाम सायली शरद लोखंडे) नाम की महिला को उसके पति ने मोबाइल पर आए एक फोन कॉल को लेकर शक के चलते बुरी तरह पीटा था। इस मारपीट में वो गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी और करीब दो महीने तीन अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए जूझती रही। आखिरकार 4 सितंबर को चेंबूर के एक अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में रबाळे पुलिस ने आरोपी पति सागर कदम को गिरफ्तार कर लिया है।

सायली रबाळे एमआईडीसी की एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। एक दिन वो अचानक गायब हो गई, जिसके बाद उसके घरवालों ने रबाळे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में पता चला कि सायली और सागर रामचंद्र कदम (मूल निवासी महाबळेश्वर, जिला सातारा) के बीच प्रेम संबंध थे। इसी गायब रहने की अवधि में 5 जुलाई को सागर ने शक के चलते सायली के पेट पर लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना के बाद भी दोनों ने 7 जुलाई को शादी कर ली और घणसोली की एक सोसाइटी (सेक्टर-7) में साथ रहने लगे। चूंकि यह घटना घणसोली पुलिस स्टेशन की हद में हुई थी, इसलिए रबाळे एमआईडीसी पुलिस ने आगे की जांच के लिए यह मामला रबाळे पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।

मारपीट में सायली के पेट के अंदर पैनक्रियास को गंभीर चोट लगी थी। जब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो पति पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो और नया-नया शुरू हुआ रिश्ता बचा रहे, इस डर से उसने पुलिस को झूठा बयान दिया कि वो सीढ़ियों से गिरकर घायल हुई है। लेकिन दर्द असहनीय होता गया और तबीयत लगातार बिगड़ती गई, तो 11 अगस्त को उसने पुलिस को पति की असली करतूत के बारे में सच बता दिया।

नेरुळ के डी. वाय. पाटील अस्पताल, खारघर के मेडिकवर अस्पताल और आखिर में चेंबूर के झेन अस्पताल, इन तीन जगहों पर सायली के परिवार ने उसे बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। उसकी गंभीर सर्जरी भी हुई, लेकिन इलाज के दौरान आईसीयू में दो महीने चली उसकी तकलीफ भरी लड़ाई आखिरकार अधूरी रह गई। सायली की मौत के बाद रबाळे पुलिस ने इस केस में हत्या की धारा जोड़ दी है। आरोपी सागर कदम को गिरफ्तार कर कोर्ट ने उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाळकृष्ण सावंत की देखरेख में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर शेखर तडवी इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।

इस केस में आरोपी सागर कदम पढ़ा-लिखा इंजीनियर है और फिलहाल कंपनियों में प्राइवेट गाड़ी चलाने का काम करता था। अच्छी शिक्षा और समझ होने के बावजूद एक पल के बेकाबू गुस्से ने सब कुछ तबाह कर दिया। मारपीट के वक्त शायद आरोपी की सीधी नीयत पत्नी की जान लेने की नहीं रही होगी, लेकिन गुस्से में लिए गए शक और लगाई गई चोटों ने एक बेकसूर लड़की की जान ले ली। एक तरफ मां-बाप की लाडली बेटी हमेशा के लिए बिछड़ गई, तो दूसरी तरफ उच्च शिक्षित बेटे की इस भयानक हरकत ने उसके परिवार को भी समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा।

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