गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:08 IST

नाशिक ग्रामीण में 757 गांवों में इस बार भी 'एक गांव, एक गणपति', पुलिस की पहल रंग लाई

नाशिक ग्रामीण पुलिस की मुहिम से जिले के आधे से ज्यादा गांवों में सामाजिक एकता का संदेश देने वाला यह उत्सव फिर जोर पकड़ रहा है।

नाशिक ग्रामीण में 757 गांवों में इस बार भी 'एक गांव, एक गणपति', पुलिस की पहल रंग लाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

शहर में जहां सैकड़ों गणेश मंडल धूमधाम से गणेशोत्सव मनाने की तैयारी में जुटे हैं, वहीं नाशिक के ग्रामीण इलाकों में उत्सव को उसके मूल रूप में मनाने की एक अलग ही मिसाल देखने को मिल रही है। जिले में सामाजिक एकोपा और भाईचारा और मजबूत करने के मकसद से ग्रामीण पुलिस की जागरूकता मुहिम के चलते इस बार जिले के करीब आधे गांवों यानी 1 हजार 935 में से 757 गांवों में 'एक गांव, एक गणपति' की संकल्पना लागू की जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में जहां एक तरफ 'एक गांव, एक गणपति' का नजारा है, वहीं बड़े गांवों और तालुका मुख्यालयों में उत्सव की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। जिले के 40 पुलिस स्टेशनों की सीमा में करीब 2 हजार से ज्यादा सार्वजनिक गणेश मंडलों ने परमिशन के लिए अर्जी लगाई है।

जिले में पिछले पांच-छह सालों से 'एक गांव, एक गणपति' की यह संकल्पना कामयाबी से चलाई जा रही है। इसकी वजह से गांव-गांव में छोटे-बड़े झगड़े, आपसी होड़ और गुटबाजी खत्म होकर सभी धर्मों और सभी तबकों के लोग मिलकर गणेशोत्सव मनाते हैं। साल 2017 में जिले के 1,026 गांवों ने इस मुहिम में हिस्सा लिया था। कोरोना के दौर के बाद कुछ जगहों पर बदलाव आया, फिर भी 2023 में 734 और 2025 में 804 गांवों में यह परंपरा कायम रखी गई। इस बार 2026 में 757 गांवों ने इस पहल में अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी, अपर पुलिस अधीक्षक विमला एम. और सूरज गुंजाळ ने गांव-गांव जाकर सीधे बैठकें कर इस मुहिम को खास बढ़ावा दिया है।

गणेशोत्सव बिना किसी विघ्न के संपन्न हो, इसके लिए ग्रामीण पुलिस ने पूरी कमर कस ली है। सभी 40 पुलिस स्टेशनों की सीमा में शांति समिति की बैठकें की गई हैं। मालेगांव, मनमाड, येवला शहर और सटाणा जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही बम निरोधक दस्ता, आतंकवाद-रोधी दस्ता और क्विक रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है। गुड मॉर्निंग स्क्वॉड, गश्ती दल और बीट मार्शल के जरिए हर हरकत पर नजर रखी जाएगी, और विसर्जन जुलूस के दौरान हर दो घंटे में पुलिस कंट्रोल रूम में हर घटनाक्रम की एंट्री दर्ज होगी। पुलिस के इस सुनियोजित इंतजाम से इस बार भी गणेशोत्सव ग्रामीण इलाकों में सौहार्द और उत्साह का प्रतीक बनने वाला है।

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