बुधवार, 16 सितमबर 2026

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23:25 IST

नागपुर मेट्रो फेज-3: सदर में जमीन के नीचे ट्रैक, कोराडी रूट पर बिना ड्राइवर मेट्रो का प्रस्ताव

कस्तूरचंद पार्क से कोराडी के बीच 11.5 किमी कॉरिडोर में सदर का हिस्सा अंडरग्राउंड करने और कोराडी रूट पर ड्राइवरलेस मेट्रो का अध्ययन चल रहा है, DPR के बाद ही फैसला होगा।

नागपुर मेट्रो फेज-3: सदर में जमीन के नीचे ट्रैक, कोराडी रूट पर बिना ड्राइवर मेट्रो का प्रस्ताव
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर मेट्रो के फेज-3 में शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाने वाले सदर को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। महा मेट्रो कस्तूरचंद पार्क से कोराडी के बीच प्रस्तावित 11.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में सदर वाले हिस्से को अंडरग्राउंड यानी जमीन के नीचे ले जाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही कोराडी रूट पर ड्राइवरलेस मेट्रो चलाने के विकल्प का भी अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि दोनों ही प्रस्ताव फिलहाल स्टडी के स्तर पर हैं और आखिरी फैसला विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR आने के बाद ही होगा।

सदर का इलाका इस कॉरिडोर में तकनीकी रूप से सबसे मुश्किल हिस्सा माना जा रहा है। यहां पहले से ही फ्लाईओवर और भीड़भाड़ वाला सड़क नेटवर्क मौजूद है, जिसकी वजह से मौजूदा ढांचे को छेड़े बिना नया एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक बनाना आसान काम नहीं होगा। यही वजह है कि सदर में मेट्रो को जमीन के नीचे से निकालने के विकल्प पर काम हो रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक अंडरग्राउंड हिस्सा मौजूदा कस्तूरचंद पार्क स्टेशन से शुरू होगा और आगे चलकर एलिवेटेड ट्रैक से जुड़ जाएगा। इस हिस्से में नया भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाने का विकल्प भी प्रस्ताव में शामिल है।

महा मेट्रो ने जुलाई 2026 में DPR तैयार करने की जिम्मेदारी RITES को सौंपी थी। यह काम करीब नौ महीने में पूरा होने की उम्मीद है, यानी स्टडी अप्रैल 2027 के आसपास पूरी हो सकती है। इस रिपोर्ट में कॉरिडोर के तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ लागत और फाइनेंशियल व्यवहार्यता को भी परखा जाएगा। सदर में अंडरग्राउंड मेट्रो और कोराडी रूट पर ड्राइवरलेस मेट्रो, दोनों पर अंतिम फैसला यह रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

अभी के लिए दोनों प्रस्ताव सिर्फ सुझाव के तौर पर हैं। अगर इन्हें मंजूरी मिलती है तो नागपुर मेट्रो के फेज-3 में शहर के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के मुकाबले तकनीक और निर्माण के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

फेज-3 में सिर्फ अंडरग्राउंड ट्रैक ही नहीं, बल्कि कोराडी रूट पर ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन चलाने की संभावना भी स्टडी का हिस्सा है। हालांकि इसे अभी फाइनल नहीं किया गया है। महा मेट्रो इस विकल्प की तकनीकी और फाइनेंशियल व्यवहार्यता के साथ-साथ इसे लागू करना कितना प्रैक्टिकल है, इसका भी आकलन कर रही है। स्टडी पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस कॉरिडोर में ड्राइवरलेस तकनीक अपनाई जाएगी या नहीं।

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