गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:54 IST

नागपुर में युवक कांग्रेस का मनुस्मृति विरोधी मोर्चा, MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की भी मांग

रेशीमबाग स्थित आरएसएस दफ्तर की तरफ निकाला गया मोर्चा पुलिस ने रोका, कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति की प्रति जलाई और नारेबाजी की।

नागपुर में युवक कांग्रेस का मनुस्मृति विरोधी मोर्चा, MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की भी मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति के विरोध में आक्रामक रुख अपनाते हुए रेशीमबाग स्थित आरएसएस दफ्तर की तरफ मोर्चा निकाला। इस आंदोलन को 'सन्मान मोर्चा' नाम दिया गया था। मोर्चे के दौरान कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।

नारेबाजी करते हुए युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता रेशीमबाग की तरफ बढ़े, लेकिन कानून व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर आंदोलनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। इससे कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने भारी बंदोबस्त तैनात कर हालात को काबू में रखने की कोशिश की। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति के खिलाफ नारे लगाए और उसकी प्रति जलाकर विरोध जताया।

इसी बीच महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) से जुड़े मुद्दे पर भी कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि प्रथमेश देशमुख की मौत के लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है। सपकाल ने मांग की कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव इस मामले की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। इस तरह नागपुर के आंदोलन के साथ साथ MPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पर भी कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, जिससे शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया।

इस मोर्चे में राज्य के अलग अलग हिस्सों से आए पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, और खास बात यह रही कि इसमें युवतियों की मौजूदगी भी काफी अच्छी रही। युवक कांग्रेस के मुताबिक, मनुस्मृति का विरोध करने के साथ साथ इस मोर्चे का मकसद भारतीय संविधान का सम्मान और उसमें दर्ज मूल्यों का संदेश जनता तक पहुंचाना भी था। कई आंदोलनकारियों के हाथों में संविधान की प्रतियां भी नजर आईं, और कार्यकर्ताओं ने संविधान के समर्थन में तथा भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

जब पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोका तो कार्यकर्ता और आक्रामक हो गए, कुछ आंदोलनकारी बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। हालात को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, "नहीं चलेगी, नहीं चलेगी, दादागिरी नहीं चलेगी" और "माफी मांगो, माफी मांगो, भाजपवाले माफी मांगो"। आंदोलनकारियों ने यह भी मांग की कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से माफी मांगें।

इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति की प्रति जलाकर विरोध जताया, वहीं कई आंदोलनकारियों ने हाथों में संविधान की प्रतियां उठाकर उसके समर्थन में नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि देश का कामकाज संविधान के मुताबिक ही चलना चाहिए। युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे संविधान के सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरे हैं और भाजपा को उनके नेता से माफी मांगनी चाहिए। आंदोलन के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि "यह देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं"।

रेशीमबाग की तरफ बढ़ता मोर्चा, पुलिस की बैरिकेडिंग, उस पर चढ़कर कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और मनुस्मृति की प्रति जलाए जाने से पूरा आंदोलन आक्रामक बन गया। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल रहा।

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