नागपुर में गणेशोत्सव के बीच सड़कों पर जाम, बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण से लोग परेशान
नागपुर में त्योहारी सीजन शुरू होते ही सड़कों पर वाहनों का रेला बढ़ गया है, पार्किंग की अव्यवस्था और फुटपाथों पर अतिक्रमण से नागरिकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
नागपुर शहर में जैसे ही त्योहारों का सीजन शुरू हुआ है, सड़कों पर ट्रैफिक की हालत पूरी तरह बिगड़ती नजर आ रही है। बाजारों और मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की तादाद अचानक बढ़ जाने से जगह-जगह जाम लग रहा है, और लोगों को महज कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में भी काफी वक्त लग रहा है।
अंदाजा है कि अगले 10 दिनों तक शहर में भीड़ और ट्रैफिक का यही हाल बना रहेगा। त्योहारी खरीदारी के लिए घर से निकलने वाले लोगों को हर मोड़ पर जाम, बेतरतीब पार्किंग और रेंगते हुए ट्रैफिक का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजारों, व्यस्त चौराहों और बड़ी सड़कों पर पुलिस मौजूद तो है, लेकिन उसके बावजूद हालात काबू में नहीं आ पा रहे। शाम के वक्त तो स्थिति और भी बिगड़ जाती है।
शहर के लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, ठीक-ठाक पार्किंग व्यवस्था और ज्यादा पुलिस बल की सख्त जरूरत है, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके। गणेशोत्सव शुरू होते ही प्रशासन के सामने अगले 10 दिनों तक ट्रैफिक को व्यवस्थित रखना एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया है।
शहर के कई अहम इलाकों में बेतरतीब पार्किंग की वजह से भी ट्रैफिक सिस्टम चरमरा रहा है। सड़क किनारे और नो-पार्किंग वाली जगहों पर गाड़ियां खड़ी कर दिए जाने से रास्ते सिकुड़ गए हैं, जिससे वाहन चालकों को आना-जाना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करने के बजाय बस तमाशा देखती नजर आ रही है। मुख्य बाजारों और व्यस्त रास्तों पर हालत सबसे ज्यादा खराब है, जहां सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं। लोगों का कहना है कि नियमित कार्रवाई न होने की वजह से ड्राइवर मन-मर्जी से जहां चाहें गाड़ी खड़ी कर दे रहे हैं।
त्योहारी सीजन शुरू होते ही शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर अतिक्रमण भी तेजी से बढ़ने लगा है। फुटपाथों और सड़कों पर अस्थायी दुकानें सज जाने से पैदल चलने वालों के साथ-साथ गाड़ी चलाने वालों को भी दिक्कत हो रही है। कई जगहों पर तो दुकानदारों ने अपना सामान सड़क तक फैला रखा है, जिससे ट्रैफिक सीधे-सीधे प्रभावित हो रहा है। त्योहारी खरीदारी के चलते बाजारों में बढ़ती भीड़ के बीच अतिक्रमण की यह समस्या और गंभीर हो गई है, लेकिन इसके बावजूद जिस विभाग को इस पर कार्रवाई करनी है, उसकी कोशिशें नाकाफी नजर आ रही हैं।