नागपुर में चावल हुआ महंगा, कई किस्मों के दाम 2 महीने में चढ़े, रसोई का बजट बिगड़ा
नागपुर जिले में पिछले करीब 2 महीनों में चावल की कई किस्मों के दाम बढ़े हैं।
नागपुर जिले में आम परिवार पहले से महंगाई झेल रहे हैं, और अब चावल के बढ़ते दामों ने उनकी रसोई का बजट और भारी कर दिया है। प्याज और खाद्य तेल के दाम पहले ही चढ़े हुए हैं। इनके बीच चावल की कीमतों में आई तेजी से घर का महीने का बजट बिगड़ गया है।
बाजार में पिछले करीब 2 महीनों के दौरान कई प्रमुख किस्मों के चावल के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला कोलम चावल अब करीब 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। करीब 2 महीने पहले यही चावल 55 से 60 रुपये प्रति किलो में मिल रहा था।
जय श्रीराम चावल की कीमत भी चढ़ी है। यह अब करीब 80 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि 2 महीने पहले इसका दाम 65 रुपये प्रति किलो के आसपास था। एक और जगह इसी चावल का पुराना भाव 65 से 70 रुपये बताया गया है।
नागपुर जिले के किराना व्यापारी दुर्गेश गुप्ता ने बताया कि महंगाई की इस दौड़ में प्रीमियम किस्में भी पीछे नहीं हैं। उनके मुताबिक चिन्नोर चावल की कीमत 100 से 110 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है। इसका असर उन परिवारों पर भी पड़ रहा है जो बेहतर क्वालिटी या खास किस्म का चावल पसंद करते हैं।
बासमती चावल की कीमतों में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। वहीं गैर-बासमती चावल 20 से 25 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं। चावल खाने का मुख्य हिस्सा है, इसलिए इसके दाम में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर घर के बजट पर पड़ रहा है।
दाम बढ़ने की वजह के बारे में नागपुर जिले के अनाज व्यापारी कमलाकर घाटोले ने बताया कि विदर्भ समेत कई हिस्सों में मान्सून कमजोर रहा और बारिश कम हुई। इससे चावल की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ा है। मौसम की इस मार से उत्पादन और सप्लाई पर दबाव बना है, और बाजार में दाम ऊपर चल रहे हैं।
थोक बाजार में कीमत थोड़ी घटी है, लेकिन खुदरा में बढ़ी है। खुदरा महंगाई में चावल की हिस्सेदारी करीब 5.88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसलिए चावल के दाम बढ़ने का असर महंगाई के कुल आंकड़ों पर भी पड़ता है और आम ग्राहक के घर के खर्च पर भी।
कनकी का भी यही हाल है। पहले 30 से 40 रुपये में मिलने वाली कनकी अब 50 से 55 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। यानी परिवारों को अकेले चावल की खरीदारी पर ही पहले से ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ रही है। प्याज और खाद्य तेल जैसी जरूरी चीजों के दामों की तेजी पहले से चिंता बढ़ा रही थी, और अब चावल भी रोज के खर्च पर असर डालने लगा है।