नागपुर क्राइम ब्रांच ने पकड़ा बाइक चोरी का कथित गिरोह, गैराज से 11 इंजन बरामद
क्राइम ब्रांच यूनिट-6 ने दो लोगों को गिरफ्तार किया और एक गैराज से 11 मोटरसाइकिल इंजन और एक पेट्रोल टैंक बरामद किया। तीसरा आरोपी हृतिक फरार है।
नागपुर में दोपहिया गाड़ियों की चोरी के एक कथित नेटवर्क का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और एक गैराज से 11 मोटरसाइकिल इंजन और एक पेट्रोल टैंक बरामद किया है।
यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच की यूनिट-6 ने की। यूनिट कालमना पुलिस स्टेशन में दर्ज गाड़ी चोरी के एक मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने इसी मामले में एक तीसरे आरोपी की पहचान हृतिक के नाम से की है, जो फिलहाल फरार है।
जांच को रफ्तार तब मिली जब यूनिट-6 के जवानों को गश्त के दौरान एक सूचना मिली। सूचना यह थी कि गाड़ी चोरी के मामलों में जिसकी तलाश है, वह संदिग्ध कपिल नगर पुलिस स्टेशन के इलाके में घूम रहा है।
इस सूचना पर क्राइम ब्रांच ने 22 साल के मयूर बोरकर को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में मयूर ने गाड़ी चोरी में अपनी कथित संलिप्तता कबूल की।
आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि मयूर और उसका साथी हृतिक कथित तौर पर शहर के अलग-अलग हिस्सों से दोपहिया गाड़ियां चुराते थे। आरोप है कि चोरी की इन मोटरसाइकिलों को खोल दिया जाता था और उनके पुर्जे एक और साथी को बेचे जाते थे, जो गैराज चलाता है।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच ने उस गैराज पर छापा मारा। वहां से 11 मोटरसाइकिल इंजन और एक पेट्रोल टैंक बरामद हुआ।
इसके बाद पुलिस ने शांतिनगर के रहने वाले 38 साल के आनंद अग्रवाल को गिरफ्तार किया। उन पर चोरी की गाड़ियों के पुर्जे ठिकाने लगाने में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कालमना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। वह यह पता लगाने की कोशिश में है कि मोटरसाइकिलें किन-किन पुलिस स्टेशन इलाकों से चुराई गईं और कितनी चोरी की गाड़ियां कथित तौर पर खोलकर पुर्जों के रूप में बेची गईं।
फरार आरोपी हृतिक की तलाश भी जारी है। पुलिस यह भी समझना चाहती है कि गाड़ियों की कथित चोरी और उन्हें ठिकाने लगाने में उसकी क्या भूमिका थी।
एक साथ 11 इंजन मिलने के बाद जांच करने वालों के सामने यह सवाल भी है कि क्या यह गिरोह पूरे नागपुर में मोटरसाइकिल चोरी और गाड़ियों के पुर्जों की गैरकानूनी बिक्री के किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।