नागभीड: सिंचन कुओं का काम पूरा फिर भी चार किसान अनुदान के लिए भटक रहे
पारडी (ठवरे) में मग्रारोहयो के तहत विहिरों का काम पूरा, ग्रामपंचायत के खाते में पैसा आया, फिर भी किसानों तक रकम नहीं पहुंची।
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नागभीड तालुका के पारडी (ठवरे) गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार हमी योजना यानी मग्रारोहयो के तहत बनी सिंचन विहिरों का पूरा काम खत्म हो चुका है, मगर जिन किसानों ने ये विहिरें बनवाईं उनके खाते में अभी तक एक रुपया नहीं आया है। हैरानी की बात यह है कि इस काम का अनुदान ग्रामपंचायत के खाते में जमा हो चुका है, फिर भी लाभार्थियों तक रकम नहीं पहुंच पाई है, जिसकी वजह से चार किसान परेशान हैं।
यह विहिरें 2025 में बनी थीं। देवराम काशिनाथ ठवरे, होमदेव गोपाळा मेश्राम, श्यामला तुकाराम भोयर और निशिकांत पुरुषोत्तम रणदिवे नाम के चार किसानों ने अपने खर्च से विहिरों का काम पूरा किया था, और उसके बाद से ही वे अनुदान का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामपंचायत को अनुदान की रकम मिल चुकी है, यह बताया जा रहा है, लेकिन किसानों को अभी तक इसका फायदा नहीं मिला।
असल वजह यह है कि 16 फरवरी से पारडी (ठवरे) ग्रामपंचायत में प्रशासक बैठा है। प्रशासक के पास सफाई, पानी सप्लाई और स्टाफ की सैलरी के अलावा दूसरे आर्थिक लेनदेन करने पर पाबंदी होती है। यही वजह है कि सिंचन विहिरों के लाभार्थियों को अनुदान बांटा नहीं जा सका। यानी पैसा मौजूद होते हुए भी असली हकदार किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा।
पारडी (ठवरे) के ग्रामसेवक दिनेश येरणे ने बताया कि आगे के आदेश मिलने के बाद ही इस मामले में आर्थिक कार्रवाई हो पाएगी।
बार-बार पीछा करने के बावजूद जब यह मसला हल नहीं हुआ, तो परेशान किसानों ने शिवसेना तालुका प्रमुख गिरीश नवघडे से अपनी समस्या बताई। इसके बाद नवघडे किसानों को साथ लेकर चंद्रपूर पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर एक निवेदन सौंपा। उन्होंने मांग की कि सिंचन विहिरों का काम पूरा करने के बावजूद अनुदान से वंचित रह गए किसानों का मसला तुरंत सुलझाया जाए और रकम उनके खाते में जल्द से जल्द डाली जाए।