मुंबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी पर इस्रायल के महावाणिज्य दूत ने की तारीफ
फ्लायदुबई की उड़ान में संकट के वक्त सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित रखने वाले भारतीय पायलट को याविन रेवाच ने "खरा सुपरहीरो" कहा।
फ्लायदुबई के विमान में अचानक एक गंभीर संकट खड़ा हो गया था और सैकड़ों बेगुनाह लोगों की जान खतरे में थी। ऐसे में मुंबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने जो हिम्मत दिखाई, उसकी तारीफ अब दुनिया भर में हो रही है। इस्रायल ने भी उन्हें खुलकर सराहा है।
मध्य-पश्चिम भारत में इस्रायल के महावाणिज्य दूत याविन रेवाच ने कैप्टन स्मित को "खरा सुपरहीरो" कहा है। उन्होंने इसे भारत और इस्रायल की पक्की दोस्ती की बेहतरीन मिसाल भी बताया। रेवाच की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कैप्टन स्मित ने जो किया, वह सिर्फ पेशे की ड्यूटी नहीं थी। वह इस्रायल और वहां के लोगों के साथ सच्ची दोस्ती और इंसानी मूल्यों की निशानी थी।
बयान के मुताबिक फ्लायदुबई की उस उड़ान में बैठे यात्री अपने परिवारों से मिलने की उम्मीद और अपने सपने लेकर निकले थे। तभी अचानक आए खतरे ने सबको दहला दिया। कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बगैर सूझबूझ से काम लिया और विमान पर पकड़ नहीं छूटने दी। माता-पिता, छोटे बच्चे और कई परिवार एक बड़े हादसे से सही सलामत बाहर निकले। रेवाच ने कहा कि मुंबई ने इस्रायल को ऐसा हीरो दिया है, जिसकी बहादुरी दोनों देश और इतिहास कभी नहीं भूलेंगे।
इस घटना के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों पर इस्रायली राजदूत ने कड़ी नाराजगी जताई। इन रिपोर्टों में इस जानलेवा वाकये को "दो पायलटों के बीच झगड़ा" बताया गया। रेवाच के मुताबिक यह पूरी तरह गलत और झूठा दावा है। उनका कहना है कि मीडिया की जिम्मेदारी निष्पक्ष और सच्ची जानकारी देने की होती है, लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में साफ दोहरापन दिखा।
रेवाच ने यह भी बताया कि इस हमले में शामिल को-पायलट ओमान का नागरिक था, जो उनके हिसाब से बेहद चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि इससे इस्रायली नागरिकों और दूसरे बेगुनाह लोगों के खिलाफ फैलाई जा रही कट्टर सोच और नफरत का असली चेहरा सामने आता है। सोशल मीडिया पर चल रहे भड़काऊ प्रचार का वक्त रहते जवाब देना जरूरी है। अगर यह नफरत अभी नहीं रोकी गई, तो आगे चलकर आतंकी प्रवृत्तियों को और बढ़ावा मिल सकता है।
भारत और इस्रायल कई दशकों से आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। कट्टरपंथी गुटों और उग्र विचारों से निपटने में दोनों देशों के सामने एक जैसी चुनौतियां हैं। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, दोनों ने कैप्टन स्मित की हिम्मत की खुलकर तारीफ की है।
जांच के बारे में इस्रायली अधिकारियों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा एजेंसियों पर पूरा भरोसा जताया है। साथ ही उन्होंने उम्मीद की है कि सऊदी अधिकारी इस पूरी घटना की पारदर्शी और गहरी जांच करेंगे। रेवाच ने दोहराया कि इस्रायल किसी भी तरह के आतंकवाद या हिंसा के आगे नहीं झुकेगा। इस वीर पायलट का शुक्रिया अदा करने के लिए इस्रायली महावाणिज्य दूत खुद मुंबई जाकर कैप्टन स्मित के परिवार से मिलेंगे।