मूल के वेटलिफ्टरों ने नागपुर विभागीय स्पर्धा में जीते 4 स्वर्ण, राज्य स्पर्धा के लिए चुने गए
नागपुर में 3 अक्टूबर को हुई स्पर्धा में मूल के खिलाड़ियों को 4 स्वर्ण और 3 रजत मिले। चारों स्वर्ण विजेता 13 से 15 अक्टूबर को अमरावती में होने वाली राज्यस्तरीय स्पर्धा में उतरेंगे।
मूल के वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों ने नागपुर विभागीय स्कूली स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया है। 3 अक्टूबर को नागपुर में हुई इस स्पर्धा में उन्होंने कुल 4 स्वर्ण और 3 रजत पदक अपने नाम किए।
ये सभी खिलाड़ी मूल तालुका क्रीड़ा संकुल में NIS प्रशिक्षक करण कोसरे से मुफ्त ट्रेनिंग लेते हैं। चार स्वर्ण पदक जीतने वाले चारों खिलाड़ियों का चयन 13 से 15 अक्टूबर के बीच अमरावती में होने वाली राज्यस्तरीय स्कूली स्पर्धा के लिए हुआ है।
19 साल से कम उम्र की लड़कियों के गुट में मूल की चार खिलाड़ियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया। इनमें जसविंदरकौर कर्नलसिंग बावरी ने 48 किलो वजन वर्ग में, श्रावणी किशोर आंबूलकर ने 53 किलो वजन वर्ग में, शिवाणी जालिंद्र वाढई ने 58 किलो वजन वर्ग में और नंदिनी मोतीराम चौधरी ने 86 किलो वजन वर्ग में पहला स्थान पाया।
दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों में 17 साल से कम उम्र की लड़कियों में ईशानी मोहूर्ले (48 किलो वजन वर्ग) और प्रणाली झरकर (77 किलो से ऊपर वजन वर्ग) शामिल हैं। 19 साल से कम उम्र के लड़कों में अमन फारुख शेख दूसरे स्थान पर रहे।
पहला स्थान पाने वाले चारों खिलाड़ी राज्यस्तरीय स्कूली वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में नागपुर विभाग की टीम का हिस्सा होंगे। यानी अमरावती में ये सभी नागपुर विभाग की नुमाइंदगी करेंगे।
तालुका का शहर मूल खेल में, खासकर वेटलिफ्टिंग में, अपना दबदबा बना चुका है। पिछले चार साल से मूल में मुफ्त वेटलिफ्टिंग ट्रेनिंग चल रही है, और उससे तैयार हुए खिलाड़ियों को शुरुआत से ही अच्छी कामयाबी मिलती रही है। इस साल भी लगातार चंद्रपुर जिले में वेटलिफ्टिंग के खेल में मूल शहर का नाम सबसे ऊपर रहा है।
इन सभी होनहार खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों की कामयाबी पर जिला क्रीड़ा अधिकारी विनोद ठिकरे सर, नामदेवजी पिजुरकर सर, रुपचंद उराडे सर, आकाश चौधरी सर और स्वप्निल अवघडे सर समेत खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों की तारीफ की है। उन्होंने अमरावती की राज्यस्तरीय स्पर्धा में आगे के सफर के लिए खिलाड़ियों को दिल से शुभकामनाएं भी दी हैं।