गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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23:30 IST

मोरवा एअरपोर्ट को उडान स्कीम में लाने की मांग, मुनगंटीवार ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरी विमान वाहतूक मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू से मुलाकात कर चंद्रपूर के मोरवा एअरपोर्ट को उडान योजना में शामिल करने की मांग रखी।

मोरवा एअरपोर्ट को उडान स्कीम में लाने की मांग, मुनगंटीवार ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपूर से सीधी विमान सेवा शुरू करने की कोशिशों ने अब नई दिल्ली में जोर पकड़ लिया है। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने केंद्रीय नागरी विमान वाहतूक मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू से मुलाकात करके मोरवा एअरपोर्ट को केंद्र सरकार की उडान योजना में शामिल करने और वहां से सीधी पैसेंजर सर्विस शुरू करने की मांग रखी। इस मांग पर केंद्रीय मंत्री ने पॉजिटिव कदम उठाने का पक्का आश्वासन दिया है, जिससे यात्रियों में उम्मीद जगी है।

मुनगंटीवार ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि चंद्रपूर से पुणे, मुंबई और दिल्ली के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू की जाए, ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके। इस पर केंद्रीय मंत्री ने मोरवा एअरपोर्ट के विस्तार से जुड़ी जरूरी बातों को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे चंद्रपूर की हवाई कनेक्टिविटी की मांग को केंद्र स्तर पर सकारात्मक दिशा मिली है।

चंद्रपूर विदर्भ का एक इंडस्ट्रियल, मिनरल्स से भरपूर और जंगल-संपदा वाला जिला माना जाता है। यहां कोयला और दूसरे मिनरल्स बड़ी मात्रा में मिलते हैं, और सीमेंट इंडस्ट्री, बल्लारपूर पेपर मिल, चंद्रपूर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र, धारिवाल, जीएमआर, वर्धा पॉवर जैसे बड़े इंडस्ट्रियल और एनर्जी प्रोजेक्ट यहां चल रहे हैं। इसके अलावा ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प की वजह से चंद्रपूर देश-विदेश के टूरिस्टों के लिए भी बड़ा अट्रैक्शन बन गया है। मुनगंटीवार ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इंडस्ट्री, बिजनेस, टूरिज्म, एजुकेशन और प्रशासनिक कामकाज बढ़ने से चंद्रपूर को डायरेक्ट एयर कनेक्टिविटी की जरूरत है। अभी चंद्रपूर से रेगुलर फ्लाइट न होने की वजह से स्टूडेंट्स, बिजनेसमैन, सरकारी अफसर-कर्मचारी और आम लोगों को हवाई सफर के लिए नागपुर या दूसरे शहरों पर डिपेंड रहना पड़ता है, जिसमें एक्स्ट्रा टाइम और पैसा दोनों लगता है। चंद्रपूर से सीधी फ्लाइट शुरू होने पर यह दिक्कत दूर होने के साथ-साथ जिले में इंडस्ट्री, बिजनेस, टूरिज्म, एजुकेशन और रोजगार के मौकों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

चंद्रपूर शहर से करीब 9 किलोमीटर दूर मोरवा एअरपोर्ट इस मामले में अहम साबित हो सकता है। करीब 62 एकड़ में फैले इस एअरपोर्ट की रनवे फिलहाल करीब 1 किलोमीटर है, और तकनीकी जरूरतों के हिसाब से इसे बढ़ाया जाए तो रेगुलर पैसेंजर सर्विस शुरू करने की गुंजाइश बन सकती है। एअरपोर्ट के साउथ-ईस्ट और वेस्ट साइड पर वनविभाग की जमीन है, जबकि नॉर्थ साइड पर प्राइवेट जमीन होने की बात निवेदन में कही गई है। मुनगंटीवार ने यह भी मांग की कि चंद्रपूर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र के ऊंचे बॉयलर्स से जुड़ी तकनीकी दिक्कत पर आज के मॉडर्न एविएशन टेक्नोलॉजी को देखते हुए दोबारा विचार किया जाए, ताकि इसका कोई व्यवहारिक हल निकाला जा सके।

मोरवा एअरपोर्ट को उडान योजना में शामिल करने से चंद्रपूर को देश के बड़े शहरों से रीजनल एयर कनेक्टिविटी मिल सकती है, खासकर चंद्रपूर-पुणे, चंद्रपूर-मुंबई और चंद्रपूर-दिल्ली रूट पर। मुनगंटीवार इस मुद्दे पर पहले भी लगातार पीछे लगे रहे हैं। 15 अक्टूबर 2025, 15 दिसंबर 2025 और 27 मार्च 2026 को उनके ऑफिस की तरफ से इस मामले में केंद्र सरकार से फॉलो-अप किया जा चुका है। इस बार दोबारा उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मिलकर निवेदन सौंपा है।

केंद्रीय मंत्री ने मुनगंटीवार की मांग पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स देते हुए मोरवा एअरपोर्ट को लेकर जरूरी कार्रवाई करने और चंद्रपूर के लिए रेगुलर हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया है।

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