गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:54 IST

मनोज जरांगे पर १००० करोड़ के घोटाले का आरोप, बारस्कर ने ED में शिकायत की

मराठा कार्यकर्ता अजय बारस्कर ने मनोज जरांगे पाटील और उनके साथियों पर आंदोलन की आड़ में अवैध कमाई जमा करने का आरोप लगाया है।

मनोज जरांगे पर १००० करोड़ के घोटाले का आरोप, बारस्कर ने ED में शिकायत की
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की संपत्ति अगर सामने आई तो मराठा समाज खुद उन्हें नहीं छोड़ेगा, ऐसी चेतावनी मराठा कार्यकर्ता अजय बारस्कर ने दी है। बारस्कर का कहना है कि आंदोलन के नाम पर जरांगे पाटील के करीबी लोगों ने भारी अवैध दौलत जमा कर ली है। इस आरोप के बाद मराठा आंदोलन के साथ साथ राजनीतिक माहौल भी गरमाने की आशंका बन गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक अजय बारस्कर ने मनोज जरांगे पर १,००० करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है और इस बारे में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय यानी ED में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। बारस्कर ने बताया कि उन्होंने १५ दिन पहले ही ED के पास मनोज जरांगे और उनके साथियों के खिलाफ शिकायत दी है। उनका दावा है कि आंदोलन की आड़ में जरांगे पाटील के करीबियों ने भारी अवैध पैसा जमा किया है। उदाहरण देते हुए बारस्कर ने कहा कि पांडुरंग तारक के पास पहले सिर्फ १० गुंठे जमीन थी, अब उनके पास ५० एकर जमीन है। उन्होंने आंतरवली और छत्रपती संभाजीनगर में करोड़ों रुपये की जमीनें खरीदी हैं।

बारस्कर ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में जरांगे पाटील कहते थे कि वे खुली चर्चा करते हैं, बंद दरवाजे के पीछे बातचीत नहीं करते। लेकिन बाद में उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ बंद दरवाजे के पीछे चर्चा और सेटिंग की। बारस्कर ने चुनौती दी कि उदय सामंत, संदीपान भुमरे, अजित पवार, शरद पवार, अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण जैसे कई नेताओं के साथ बंद दरवाजे के पीछे क्या बातचीत हुई, यह जरांगे को साफ करना चाहिए।

बारस्कर ने आगे कहा कि जिस तरह कैप्टन अशोक खरात के पैर छूने बड़े बड़े नेता जाते थे और बाद में उसकी असलियत सामने आने पर वह जेल गया, उसी तरह मनोज जरांगे भी सामाजिक "खरात बाबा" हैं। उनके मुताबिक जरांगे उपोषण का नाटक करके मराठा समाज को धोखा दे रहे हैं। बारस्कर ने दावा किया कि जरांगे के आंदोलन को अब उपोषण की लत लग गई है, वे उपोषण के नाम पर सलाइन के जरिए ग्लूकोज लेते हैं। उनका कहना है कि जरांगे को अब आधिकारिक रूप से उपोषण छोड़ देना चाहिए, लेकिन वे उपोषण का पंडाल छोड़ नहीं पा रहे।

बारस्कर ने आरोप लगाया कि अंतरवली सराटी में २ सितंबर को "जिंकलो रे राजा" का नारा देकर जरांगे ने मराठा समाज को गुमराह किया। उनके मुताबिक हैदराबाद गजट के जीआर और "सगेसोयरे" जैसे मुद्दों पर जरांगे ने मराठा समाज, खासकर महिलाओं को धोखा दिया।

मराठा आंदोलन में ३५० से ज्यादा युवाओं की जान जाने का दावा करते हुए बारस्कर ने जरांगे की महंगी गाड़ी के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि आंदोलन में युवाओं की जान गई, फिर भी करीब २ करोड़ रुपये की डिफेंडर गाड़ी इस्तेमाल करते वक्त जरांगे के मन में कुछ नहीं आया क्या। इसके अलावा बारस्कर ने आंदोलन में शामिल लोगों पर भी आरोप लगाया कि जरांगे के साथ असली "जरूरतमंद मराठा" नहीं बल्कि बड़ी तादाद में रेत कारोबारी और कॉन्ट्रैक्टर शामिल हुए।

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