गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:34 IST

मनोज जरांगे का उपोषण किसके लिए? अजय बारस्कर का सवाल, चार लोगों के लिए जान जोखिम में मत डालो

मराठा आरक्षण अभ्यासक अजय बारस्कर ने मनोज जरांगे पाटील के उपोषण की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

मनोज जरांगे का उपोषण किसके लिए? अजय बारस्कर का सवाल, चार लोगों के लिए जान जोखिम में मत डालो
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र का सियासी पारा फिर चढ़ गया है। पिछले 18 दिनों से उपोषण पर बैठे मराठा आंदोलक मनोज जरांगे पाटील अब मुंबई की तरफ निकल पड़े हैं। उनका इरादा है कि 19 सितंबर से आझाद मैदान पर उपोषण शुरू करें। लेकिन मुंबई पुलिस ने आझाद मैदान पर आंदोलन की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद जरांगे मुंबई की ओर बढ़ते रहे।

इसी बीच मराठा आरक्षण के अभ्यासक अजय बारस्कर ने जरांगे के आंदोलन पर सीधा सवाल दाग दिया है। उन्होंने पूछा कि मनोज जरांगे आखिर किसके लिए उपोषण कर रहे हैं। बारस्कर का कहना है कि यह उपोषण सच में मराठा समाज के आरक्षण के लिए है या फिर चार लोगों को दाखिले दिलवाने और कुछ जांचों को रुकवाने के लिए, इसका जवाब जरांगे को खुद देना चाहिए।

बारस्कर ने एक और अहम बात उठाई। उनका कहना है कि अगर जरांगे का उपोषण मराठा समाज के लिए है, तो उनके खुद के दस्तखत वाला मांगों का विस्तृत निवेदन आखिर कहां है। उस निवेदन में ठीक-ठीक कौन सी मांगें हैं, वो सरकार को कब दी गईं, और अब तक सरकार ने उनमें से कितनी मांगें मानी हैं, यह जानकारी समाज के सामने क्यों नहीं रखी जा रही, यह सवाल भी उन्होंने खड़ा किया। साथ ही बारस्कर ने दावा किया कि जरांगे के आसपास मौजूद कुछ लोगों पर अलग-अलग एजेंसियों की नोटिस और जांच चल रही है। उनका आरोप है कि इन जांचों को रुकवाने के लिए जरांगे पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि यह आरोप बारस्कर का अपना दावा है और इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

बारस्कर ने यह सवाल भी पूछा कि अगर जरांगे की जान को कोई खतरा हुआ तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। उनका कहना है कि अगर सिर्फ चार लोगों के प्रमाणपत्र दिलवाने या जांचें रुकवाने के लिए जरांगे पर उपोषण का दबाव डाला जा रहा है, तो संबंधित लोगों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पुलिस ने जरांगे के मुंबई आंदोलन को इजाजत नहीं दी है, ऐसे में आगे क्या होता है, इस पर सबकी नजर टिकी है। बारस्कर के इन आरोपों पर जरांगे पाटील क्या जवाब देते हैं, यह देखना अहम होगा।

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