मालेगाव में पुराने झगड़े पर युवक का चाकू से कत्ल, आरोपी रहीम को उम्रकैद की सजा
मालेगाव की अपर सत्र अदालत ने एक युवक की चाकू से हत्या करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश डी. वाय. गौड़ ने दिया।
उम्रकैद पाने वाले मुख्य आरोपी का नाम शेख रहीम शेख रज्जाक उर्फ रहीम भजिया है, जिसकी उम्र 35 साल है। अदालत ने उसे उम्रकैद के साथ दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उसे एक महीने की अतिरिक्त सश्रम कैद काटनी होगी। इसी केस के दूसरे आरोपी शेख सलीम शेख याकूब उर्फ सलीम चमडा को सबूत न होने की वजह से बरी कर दिया गया।
घटना 21 अप्रैल 2021 की है। कमालपुरा इलाके में भिकू चौक के पास आरोपी रहीम भजिया ने फिरयादी इम्तियाज खान अमन उल्ला खान के भाई फैसल खान से पुराने विवाद को लेकर बहस की। बात बढ़ने पर रहीम भजिया, उसके भाई मजीद भजिया और दोस्त सलीम चमडा ने फैसल खान को घेर लिया।
आरोप है कि इन लोगों ने धारदार चाकू से फैसल के पेट पर गंभीर वार किए। हमले में फैसल की आंतें बाहर आ गईं और वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। फिरयादी और चश्मदीद मदद के लिए दौड़े तो आरोपी उन पर भी झपट पड़े। मौजूद लोगों ने रहीम भजिया को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वहां से भाग निकले।
गंभीर रूप से घायल फैसल को फौरन नूर हॉस्पिटल ले जाया गया और फिर सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के भाई की शिकायत पर मालेगाव शहर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की। केस की सुनवाई के दौरान आरोपी मजीद भजिया की मौत हो गई।
सुनवाई अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश डी. वाय. गौड़ की अदालत में हुई। सरकारी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अतिरिक्त सरकारी वकील एड. संजय कौतिकराव सोनवणे ने कुल 10 अहम गवाहों की जांच कराई। उनकी दलीलों और पेश किए गए सबूतों को मानते हुए अदालत ने रहीम भजिया को दोषी ठहराया और उम्रकैद सुनाई। कोर्ट पैरवी अधिकारी पुलिस हवलदार मुकुंद परदेशी ने इस केस में खास मेहनत की।