माजरी में WCL मजदूरों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल
कंत्राटी ड्राइवरों और मजदूरों की मांगों को लेकर मनसे कामगार सेना का धरना बारिश में भी नहीं रुका
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वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी WCL के माजरी इलाके में मजदूरों और कंत्राटी ड्राइवरों का आंदोलन आज पांचवें दिन में पहुंच गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण कामगार सेना की अगुवाई में चल रहा यह धरना पांच दिन बाद भी बेनतीजा है, क्योंकि प्रशासन ने अब तक मजदूरों की मुख्य मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया है।
आज माजरी में हुई मूसलाधार बारिश ने आंदोलन स्थल का हाल बेहाल कर दिया। पूरे इलाके में पानी भर गया, जिससे धरना स्थल का मंडप, गद्दे और बाकी सामान पूरी तरह भीग गया। इसके बावजूद ड्राइवर और मजदूर बारिश में भीगते हुए भी अपनी जगह से नहीं हटे और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलाते रहे।
इससे भी ज्यादा परेशानी की बात यह है कि आंदोलन स्थल पर रात के वक्त लाइट यानी बिजली की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अंधेरे की वजह से वहां सांप, बिच्छू, केकड़े और चूहे घूमने लगे हैं, जिससे आंदोलनकारियों की जान को खतरा बढ़ गया है। गद्दे भीग जाने से मजदूरों के लिए रात में सोना भी मुश्किल हो गया है। मांगें सुलझाने की बजाय मजदूरों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखे जाने से प्रशासन और WCL मैनेजमेंट के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण कामगार सेना के जिला अध्यक्ष अमन अंधेवार ने मैनेजमेंट के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, "मजदूरों की मांगें बिलकुल जायज हैं। इन्हें नजरअंदाज करके आंदोलन को दबाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने मांग की कि मजदूरों की बकाया सैलरी, सही वेतन दर, PF और ESIC लागू करना, 8 घंटे की ड्यूटी, नौकरी से निकाले गए मजदूरों को वापस काम पर रखना और ठेकेदारों की मनमानी पर लगाम कसने जैसे मुद्दों पर तुरंत फैसला लिया जाए।
मांगों पर कोई फैसला न होने की वजह से अब आंदोलन और आक्रामक होने वाला है। बताया गया है कि 12 सितंबर को मनसे कामगार सेना की तरफ से संबंधित प्रशासन और बड़े अधिकारियों को एक आधिकारिक ज्ञापन दिया जाएगा, और 13 सितंबर से दो मजदूर आमरण अनशन यानी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्दी सकारात्मक बातचीत करके कोई हल नहीं निकाला, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले लेगा।