महाराष्ट्र में बिजली के साथ बारिश, फिर बढ़ेगी गर्मी; लौटता मानसून 4-5 दिन में
मौसम विभाग के मुताबिक कोकण और मध्य महाराष्ट्र में बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना है, लेकिन बारिश का जोर घट रहा है और आने वाले दिनों में धूप की तपिश बढ़ेगी।
महाराष्ट्र में इन दिनों मौसम का अजीब मिजाज दिख रहा है। कुछ जिलों में बारिश हो रही है, जबकि बाकी हिस्सों में तेज धूप और उमस से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी के मुताबिक कोकण और मध्य महाराष्ट्र में बिजली कड़कने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। लेकिन बारिश का जोर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और आने वाले दिनों में धूप की तपिश और बढ़ने का अंदाज़ा है।
आज यानी 29 सितंबर को रायगढ़, रत्नागिरी, ठाणे, पुणे घाटमाथा, सातारा घाटमाथा, कोल्हापुर घाटमाथा, नाशिक घाटमाथा, नाशिक, पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर, अहिल्यानगर और सोलापुर जिलों में बिजली की कड़क के साथ बारिश का अलर्ट दिया गया है। पालघर, मुंबई, सिंधुदुर्ग, छत्रपति संभाजीनगर और बीड जिलों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। फिर भी यह बारिश पूरे राज्य में होने की संभावना बहुत कम है।
कल यानी बुधवार से राज्य में बारिश का जोर और घटेगा। सातारा, सातारा घाटमाथा, कोल्हापुर, कोल्हापुर घाटमाथा और सिंधुदुर्ग जिलों में बिजली के साथ बारिश हो सकती है। वहीं नाशिक घाटमाथा, पालघर, नाशिक, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी, पुणे घाटमाथा, पुणे, अहिल्यानगर, सोलापुर और सांगली जिलों में बिजली की कड़क के साथ हल्की बौछारें आ सकती हैं। बाकी पूरे राज्य में ज़्यादातर मौसम सूखा रहेगा और धूप की चुभन बढ़ने का अंदाज़ा है।
मौसम विभाग के मुताबिक 1 अक्टूबर से कोकण और मध्य महाराष्ट्र में अधिकतम और न्यूनतम, दोनों तापमान औसत से ऊपर रहने की संभावना है। इसके बाद 9 से 22 अक्टूबर के बीच राज्य के दूसरे हिस्सों में भी तापमान में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती है। यानी अक्टूबर की शुरुआत में एक तरफ बारिश की बौछारें होंगी और दूसरी तरफ तेज उमस रहेगी।
महाराष्ट्र में अब मानसून की वापसी की आहट मिलने लगी है। मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों में लौटता मानसून महाराष्ट्र में पहुंचने की संभावना जताई है। इस दौरान कोकण और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लौटती बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।
लेकिन लौटता मानसून आ जाने का मतलब यह नहीं कि पूरे राज्य में बारिश तुरंत पूरी तरह रुक जाएगी। स्थानीय मौसम प्रणाली, हवा में नमी और हवाओं की स्थिति के हिसाब से अक्टूबर में भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार मानसून की वापसी की आधिकारिक घोषणा तभी होती है, जब कुछ खास मौसमी हालात लगातार बने रहें।
लौटते मानसून की मौजूदा स्थिति देखें तो नैऋत्य मानसूनी हवाएं बुधवार, 23 सितंबर को राजधानी दिल्ली समेत राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के ज़्यादातर हिस्से और गुजरात व उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से लौट चुकी हैं। उसके बाद से मानसून की वापसी का सफर जस का तस, यानी एक ही जगह अटका हुआ है।
फिलहाल मानसून की वापसी की सीमा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया में बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा और उसके आसपास समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई पर चक्राकार हवाओं के रूप में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है।