लंदन में सद्गुरु डॉ. मंगेशदा को मिला बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड
क्रिया योग फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु डॉ. मंगेशदा को लंदन में एकता के संदेश के साथ सम्मानित किया गया।
लंदन में हाल ही में एक बड़े समारोह में सद्गुरु योगीराज डॉ. मंगेशदा को 'विश्व लीडर डॉ. बी. आर. आंबेडकर आंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से नवाजा गया। डॉ. मंगेशदा सद्गुरु मंगेशदा क्रिया योग फाउंडेशन के संस्थापक हैं और समाजसेवा में उनके नए और खास काम को देखते हुए उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया।
इस भव्य समारोह में सिर्फ डॉ. मंगेशदा को ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के कई और मशहूर लोगों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से कई जाने-माने मेहमान पहुंचे थे। इनमें विश्व लीडर टेकमीडिया के डायरेक्टर शिरीष बी. रामटेके, मेफेयर के बैरन और यूके संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर, ब्रिटिश-भारतीय बिजनेसमैन और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कृष्णा पुजारा, पूर्व विधायक विजयभाई गिरकर और पद्मश्री डॉ. कल्पना सरोज शामिल थे।
पुरस्कार लेते वक्त डॉ. मंगेशदा ने कहा कि महान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का जो सपना था, यानी एकता और एकात्मता, वह तभी पूरा हो सकता है जब हम सब मिलकर इस सफर को इसी तरह आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजकों का शुक्रिया भी अदा किया।
डॉ. मंगेशदा पिछले कई दशकों से क्रियायोग पर रिसर्च, योगशास्त्र को वैज्ञानिक नजरिए से देखने और योग को फैलाने के काम में जुटे हैं। वे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक योगशास्त्र पहुंचाने के साथ-साथ कई समाजोपयोगी कार्यक्रमों के जरिए इंसानियत, निस्वार्थ प्रेम और माफी का संदेश भी देते आए हैं।
इससे पहले भी उनके इस काम को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। मॉरिशस में उन्हें 'योग शिरोमणी' नाम के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इंडोनेशिया के बाली में उन्हें 'ग्लोबल इंडियन अचीवर अवॉर्ड' मिला, इसके अलावा ए. पी. जे. अब्दुल कलाम अवॉर्ड, लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में 'महात्मा गांधी अहिंसा सम्मान', इंडो-वियतनाम अवॉर्ड, योग रत्न पुरस्कार और इंटरनेशनल आइकॉनिक अवॉर्ड जैसे कई सम्मान भी उन्हें मिल चुके हैं। इसके साथ ही वे 'आई प्लेज, वी प्लेज' अभियान के जरिए मरने के बाद आंखें दान करने को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी कर रहे हैं।
'विश्व लीडर डॉ. बी. आर. आंबेडकर आंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 2026' उनके लंबे समाजसेवा, योग प्रचार और मानव कल्याण के काम में एक और अहम पड़ाव माना जा रहा है। योग, समाज के प्रति जिम्मेदारी और इंसानियत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाने वाले सद्गुरु डॉ. मंगेशदा का लंदन में हुआ यह सम्मान उनके शिष्यों और उनसे जुड़े सभी लोगों के लिए गर्व की बात है।