क्रिप्टो में बड़ा बदलाव: मीम कॉईन छोड़ अब निवेशकों का रुख भरोसेमंद कॉईन की तरफ
कॉईनडीसीएक्स की रिपोर्ट के मुताबिक अब लोग मीम टोकन के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि SIP के जरिए बिटकॉईन-इथेरियम जैसे भरोसेमंद कॉईन में पैसा लगा रहे हैं।
क्रिप्टो को लेकर लोगों की सोच अब पहले जैसी नहीं रही। पहले लोगों को लगता था कि क्रिप्टो में पैसा लगाना यानी जुआ खेलना है, आज पैसे डाले और कल दोगुने हुए तो तुरंत बेच दो। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। कॉईनडीसीएक्स की नई रिपोर्ट कहती है कि अब लोग मीम टोकन के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि पुराने और भरोसेमंद क्रिप्टो में पैसा लगा रहे हैं, वो भी SIP की तरह धीरे-धीरे।
यह आंकड़े कॉईनडीसीएक्स ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर जारी किए हैं। इनसे साफ पता चलता है कि भारत में क्रिप्टो अब सिर्फ मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु तक सीमित नहीं रहा। जयपुर, पटना और लखनऊ जैसे शहर भी अब इसमें आगे आ गए हैं।
कॉईनडीसीएक्स के यूजर्स की संख्या अब 2.2 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। 2024 से अब तक 80 लाख नए लोग इससे जुड़े हैं, और इसमें सबसे बड़ा हिस्सा जयपुर, पटना और लखनऊ जैसे शहरों का है। इन शहरों के युवाओं को लगता है कि सोने और जमीन के मुकाबले डिजिटल एसेट भी एक अच्छा विकल्प है। और ये लोग जल्दबाजी नहीं करते, SIP के जरिए निवेश करते हैं। यही वजह है कि कॉईनडीसीएक्स पर SIP करने वालों की संख्या में 600% की बढ़ोतरी हुई है, यह आंकड़ा वाकई बहुत बड़ा है।
सबसे बड़ा बदलाव यही रहा कि लोगों ने मीम टोकन को अलविदा कह दिया है। पहले कुत्ते या मेंढक की फोटो वाले कॉईन लोग खरीदते थे, क्योंकि वो सस्ते होते थे और लगता था कि पैसा तुरंत बढ़ जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक कुल ट्रेडिंग में मीम टोकन का हिस्सा अब सिर्फ 12.17% रह गया है, जबकि ब्लू-चिप कहे जाने वाले बड़े और भरोसेमंद कॉईन का हिस्सा 55% है। यानी अब लोग बिटकॉईन, इथेरियम जैसे मजबूत कॉईन पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। इसे मार्केट के परिपक्व होने की निशानी माना जा रहा है।
2026 के पहले छह महीनों में 26 से 41 साल के नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा जुड़े हैं। ये लोग बिना कुछ पढ़े-समझे पैसा नहीं लगाते, पहले उस कॉईन के बारे में रिसर्च और स्टडी करते हैं, उसके बाद ही निवेश करते हैं।
कॉईनडीसीएक्स के को-फाउंडर सुमित गुप्ता ने कहा, "आज साक्षरता का मतलब सिर्फ पढ़ना-लिखना आना नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया में कैसे व्यवहार करना है यह भी उसमें शामिल है। क्रिप्टो अब हमारी आर्थिक बातचीत का हिस्सा बन चुका है, इसलिए क्रिप्टो साक्षरता बहुत जरूरी है। लोगों को इसका जोखिम समझना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे प्लेटफॉर्म पर अच्छे बदलाव दिख रहे हैं। लोग मीम के बजाय अच्छे कॉईन को पसंद कर रहे हैं, SIP कर रहे हैं और नए शहरों से लोग जुड़ रहे हैं। 2025 में SIP धारकों में 600% की बढ़ोतरी हुई है, इसका मतलब है कि लोग अब अनुशासन के साथ निवेश कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि लोगों को और सिखाएं ताकि वो समझदारी से फैसले ले सकें।" कुल मिलाकर क्रिप्टो में भी अब जुआ नहीं, बल्कि समझदारी से निवेश शुरू हो गया है, और इसमें छोटे शहर बड़े शहरों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।