कोदेपूर में मूलनिवासी ग्रामसभा हुई, महाराणी दुर्गावती जयंती पर करीब 15 गांवों के लोग जुटे
जिवती के कोदेपूर में ग्रामसभा, जयंती और संयुक्त सफाई मुहिम हुई।
जिवती तालुके के कोदेपूर में पारंपरिक मूलनिवासी ग्रामसभा और वीरांगना महाराणी दुर्गावती जयंती का कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ हुआ। आसपास के करीब 15 गांवों से मूलनिवासी बांधव बड़ी संख्या में इसमें शामिल हुए। रीति-रिवाज, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की झलक इस आयोजन में दिखी। महिला सशक्तीकरण, दारूबंदी, गांव की सफाई और सामाजिक एकता के लिए मिलकर कोशिश करने का अहम संकल्प भी यहां लिया गया।
पारंपरिक मूलनिवासी ग्रामसभा के प्रस्ताव के मुताबिक 4 अक्टूबर को शेडमाके गुडा, जंगू गुडा और कोदेपूर, इन तीन गुड्यों के संयुक्त निमंत्रण पर ग्रामसभा बुलाई गई थी। सभा में पारंपरिक ग्रामसभा व्यवस्था को और मजबूत करने, सामाजिक सवालों का हल मिलकर निकालने, महिला सशक्तीकरण, गांव में दारूबंदी, सफाई और गांवों के हर तरह के विकास पर विस्तार से बात हुई।
लिंगोराव सोयाम, शित्रु गेडाम और संतोषजी सलाम प्रमुख मार्गदर्शक के तौर पर मौजूद रहे और उन्होंने लोगों को संबोधित किया। उनका कहना था कि समाज की तरक्की के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। दारूबंदी और ग्रामस्वच्छता जैसे मुद्दों पर सिर्फ चर्चा काफी नहीं है, असल में काम करने की जरूरत है, यह बात उन्होंने खास तौर पर रखी। उन्होंने सामाजिक एकजुटता और सबके साथ मिलकर फैसले लेने के रास्ते से गांवों का विकास करने की अपील भी की।
ग्रामसभा में शंकर वेट्टी, केशव कोटनाके, बापुराव जुमनाके, चैनराव मडावी, तुकाराम धुर्वे, गंगू गेडाम, हनुमंतू कुमरे, सरपंच गंगाधर आत्राम और लच्चू वल्का समेत इलाके के कई मान्यवर और गांव वाले हाजिर थे।
5 अक्टूबर को वीरांगना महाराणी दुर्गावती जयंती के मौके पर उनकी तस्वीर पर फूलमाला चढ़ाकर विधिवत पूजा की गई। महाराणी दुर्गावती की बेमिसाल बहादुरी, स्वाभिमान, त्याग और समाज के लिए उनके योगदान को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके संघर्ष भरे जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
इस कार्यक्रम में बाजीराव पा. वलका, लिंबाराव पा. वलका, आनंदराव पा. शेडमाके और भोजु पा. आत्राम मौजूद थे। लता बाजीराव वलका, जंगुबाई आनंदराव शेडमाके और नागुबाई वलका के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और गांव वाले भी शामिल हुए।
जयंती के कार्यक्रम के बाद शेडमाके गुडा, जंगू गुडा और कोदेपूर के गांव वालों ने साथ आकर मिलकर गांव की सफाई मुहिम चलाई। गांव के आसपास सफाई करके स्वच्छ, सुंदर और सेहतमंद गांव बनाने का संदेश दिया गया। खास बात यह रही कि इस मुहिम में महिलाओं और पुरुषों ने साथ हिस्सा लिया और मिलकर श्रमदान की अहमियत सामने रखी।