कर्जत के बार्डी गांव में पानी का संकट, महिलाओं ने पंचायत समिति दफ्तर पर निकाला मोर्चा
बार्डी गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने कर्जत पंचायत समिति के दफ्तर पर मोर्चा निकाला और अडीच घंटे तक धरना दिया। जिला परिषद के समाजकल्याण सभापती नारायण डामसे के आश्वासन पर आंदोलन वापस लिया गया।
कर्जत तालुका के बार्डी गांव में पानी की दिक्कत सालों से बनी हुई है। बार-बार निवेदन देने के बावजूद कोई पक्का हल नहीं निकला। आखिरकार गांव की महिलाएं और ग्रामीण कर्जत पंचायत समिति के दफ्तर पर मोर्चा लेकर पहुंचे और अपना गुस्सा खुलकर जताया।
ग्रामीणों की शिकायत है कि नलपानी योजना का पानी गांव में तीन से चार दिन में सिर्फ एक बार आता है। वह भी बहुत कम दबाव से आता है, इसलिए कई घरों तक पानी पहुंचता ही नहीं। ग्रामपंचायत के जरिए होने वाली सप्लाई बेहद अनियमित है।
ग्रामीणों के मुताबिक बार्डी की नलपानी योजना का काम वक्त पर पूरा नहीं हुआ। पानी की परेशानी को लेकर उन्होंने 26 दिसंबर 2025 और 18 मार्च 2026 को कर्जत पंचायत समिति को लिखित निवेदन दिया था। इसके बाद भी योजना के काम पूरे नहीं हुए, जबकि वे समय-समय पर इसका पीछा करते रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ग्रामपंचायत को भी पत्र दिया था। ग्रामपंचायत की तरफ से इस समस्या पर कुछ वक्त के लिए आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया, लेकिन कोई स्थायी इंतजाम नहीं किया गया। गांव वाले कई बार ग्रामपंचायत और पंचायत समिति जाकर मिले और लिखित निवेदन भी दिए, फिर भी पानी का सवाल जस का तस है।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना पूरी करवाने के लिए सरकार और जिला परिषद की तरफ से पानी आपूर्ति विभाग ने कोई सहयोग नहीं किया। मोर्चे के दौरान कर्जत पंचायत समिति में संबंधित अधिकारी या कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस पर नाराज महिलाएं पूरे ढाई घंटे वहीं धरने पर बैठी रहीं।
इसके बाद जिला परिषद के समाज कल्याण सभापति नारायण डामसे ने बीच में पड़कर पानी के मसले का हल निकालने की कोशिश करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कर्जत पंचायत समिति की तरफ से कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगी। इस मोर्चे में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। गांव के पूर्व सदस्य और पूर्व उपसरपंच भी इसमें शरीक हुए।