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23:24 IST

जमीन विवाद में 81 साल के असगरअली वोरा पीएम मोदी से मिले, CBI जांच की मांग

मीरा-भाईंदर के जमीन विवाद में इंसाफ न मिलने का दावा करते हुए बुजुर्ग शख्स सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचे, मुलाकात के बाद प्रशासन भी हरकत में आया।

जमीन विवाद में 81 साल के असगरअली वोरा पीएम मोदी से मिले, CBI जांच की मांग
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मीरा-भाईंदर में जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर इंसाफ नहीं मिल पाने का दावा करते हुए 81 साल के असगरअली वोरा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंच गए। वोरा ने पीएम से मांग की है कि मीरा-भाईंदर में हुए कथित जमीन घोटाले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI से कराई जाए। इस मुलाकात के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

वोरा का कहना है कि उन्होंने 1989 में भायंदर पूर्व के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन रजिस्टर्ड कागजात के जरिए खरीदी थी। उनका आरोप है कि कुछ साल बाद इस जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इस मामले में उन्होंने स्वयं बिल्डर्स और भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन का नाम लिया है।

वोरा के मुताबिक 2011 के आसपास उनकी जमीन पर कब्जा हुआ था। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि जमीन के लेनदेन से जुड़े फर्जी कागजात तैयार किए गए, और इन कागजातों के बारे में असली मालिक को कोई जानकारी नहीं दी गई। उनका दावा है कि जमीन को दो हिस्सों में बांटकर एक हिस्से पर स्वयं बिल्डर्स और दूसरे हिस्से पर सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन का कब्जा दिखाया गया। वोरा का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।

इस जमीन विवाद को लेकर 2015 में FIR दर्ज हुई थी और यह मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है। वोरा का दावा है कि पिछले कई सालों से वे राजस्व विभाग, महानगरपालिका और पुलिस के पास शिकायत करते रहे, लेकिन उन्हें जो इंसाफ चाहिए था वह नहीं मिला। प्रशासनिक स्तर पर बार-बार कोशिश करने के बावजूद मामला हल न होने पर आखिरकार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का फैसला किया।

वोरा के मुताबिक 8 सितंबर को उनकी पीएम मोदी से मुलाकात हुई। इस मुलाकात में अपनी बात रखने के बाद उन्हें सकारात्मक रिस्पॉन्स मिलने का दावा वोरा ने किया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने भी इस मुलाकात की फोटो और प्रेस नोट जारी की हैं।

पीएम से मुलाकात के बाद मीरा-भाईंदर महानगरपालिका प्रशासन ने भी इस जमीन विवाद का संज्ञान लिया है। प्रशासन ने इस मामले पर सुनवाई तय की है, जो 16 सितंबर को होगी। महानगरपालिका ने सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन और स्वयं बिल्डर्स के प्रतिनिधियों को इस सुनवाई में हाजिर रहने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि 16 सितंबर की सुनवाई में क्या जानकारी सामने आती है और प्रशासन क्या फैसला लेता है।

इस पूरे मामले में जिन कंस्ट्रक्शन कंपनियों और दूसरे पक्षों का नाम लिया जा रहा है, उनका अधिकृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में असगरअली वोरा के आरोपों और दावों की पुष्टि जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में ही हो सकेगी। CBI जांच की मांग पर आगे क्या फैसला होता है, यह भी अहम रहेगा।

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