जळगावः गणपति विसर्जन मार्ग पर 90 फीसदी काम पूरा, खतरनाक डालियों की छंटाई भी हुई
जळगाव महानगरपालिका ने विसर्जन जुलूस के रास्ते सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों के गड्ढे भरने और पेड़ों की खतरनाक डालियां काटने का काम तेज कर दिया है।
जळगाव में गणेशोत्सव के चलते इस बार विसर्जन जुलूस सुरक्षित और सुचारू ढंग से निकले, इसके लिए जळगाव महानगरपालिका ने विसर्जन मार्ग की तैयारियों को रफ्तार दे दी है। मनपा आयुक्त आदित्य जिवने ने बताया कि जुलूस के रास्ते में जितने भी गड्ढे थे, उनमें से करीब 90 फीसदी अब तक बुजा दिए गए हैं। इसके साथ ही ऊंची गणेशमूर्तियों, सजावटी रथों और बड़ी गाड़ियों को रास्ते में कोई दिक्कत न हो, इसलिए मनपा प्रशासन ने रास्ते में आने वाले पेड़ों की खतरनाक और लटकी हुई डालियों की जांच करके जहां जरूरी था वहां छंटाई का काम भी शुरू करवा दिया है।
शहर में गणेशमूर्ति विसर्जन के लिए हर साल बड़े पैमाने पर जुलूस निकलते हैं। इन जुलूसों में बड़े आकार की और ऊंची मूर्तियां ले जाई जाती हैं, ऐसे में सड़क किनारे लगे पेड़ों की डालियां अक्सर आड़े आ जाती हैं। कहीं-कहीं लटकी हुई या कमजोर डालियों की वजह से आम लोगों और जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बन सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए मनपा प्रशासन ने खतरे वाली जगहों की पहले पहचान की और फिर एहतियाती कदम उठाए। यह पूरा अभियान मनपा के बिजली, अग्निशमन, पर्यावरण और सार्वजनिक बांधकाम - इन चार विभागों ने मिलकर चलाया। इन विभागों की टीमों ने रास्ते का मुआयना करके जहां जरूरत थी वहां कार्रवाई की, जिससे गणेश भक्तों को अब राहत मिली है।
पिछले पंद्रह दिनों से शहर की मुख्य सड़कों पर गड्ढे भरने का काम चल रहा है। गणेशोत्सव नजदीक आने के साथ मनपा प्रशासन ने विसर्जन मार्ग और गणपति जुलूस जिन मुख्य सड़कों से गुजरता है, वहां गड्ढे भरने के काम में तेजी ला दी है। शहर के तीन-चार वार्डों में जहां गड्ढे भरने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ था, वहां के ठेकेदारों को आयुक्त ने नोटिस भेजकर काम तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा मनपा ने गणेश मंडलों से भी अपील की है कि वे गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने में आगे आएं। मंडलों से कहा गया है कि उत्सव के दौरान सिर्फ पेड़ लगाना ही काफी नहीं, बल्कि उनकी देखभाल करने का भी संकल्प लें। मनपा का जोर इस बात पर है कि सुरक्षित विसर्जन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला उत्सव मनाया जाए।
आयुक्त आदित्य जिवने की देखरेख में हुई इस पूरी कार्रवाई में बेवजह पेड़ काटने से बचने पर खास ध्यान दिया गया। विसर्जन जुलूस में रुकावट बनने वाली, खतरनाक या नीचे लटकी डालियों की ही जरूरत के हिसाब से छंटाई की गई। इस तरह प्रशासन ने विसर्जन मार्ग को खुला रखने के साथ-साथ शहर की हरियाली को भी बचाने की कोशिश की है।