बुधवार, 16 सितमबर 2026

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22:41 IST

जल्दी राइड के लिए ज्यादा पैसे मांगने पर CCPA का रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने रैपिडो की मूल कंपनी रोप्पेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर भ्रामक मैसेज और डार्क पैटर्न के लिए कार्रवाई की।

जल्दी राइड के लिए ज्यादा पैसे मांगने पर CCPA का रैपिडो पर 10 लाख का जुर्माना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अगर आपको देर हो गई हो और कोई और ऑप्शन ना बचे तो ऐसे में आदमी जल्दी राइड चाहता है। बस इसी मजबूरी का फायदा उठाकर लोकप्रिय राइड-शेयरिंग ऐप रैपिडो ग्राहकों से जल्दी राइड देने के नाम पर एक्स्ट्रा पैसे वसूल रहा था। इस पर अब केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने बड़ा एक्शन लिया है।

CCPA ने रैपिडो चलाने वाली कंपनी Roppen Transportation Services पर 10 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। जांच में सामने आया कि रैपिडो के राइड बुकिंग इंटरफेस में भ्रामक मैसेज, गलत व्यापारिक तरीके और डार्क पैटर्न्स इस्तेमाल किए जा रहे थे।

CCPA के मुताबिक, रैपिडो पर राइड बुक करते वक्त ग्राहकों को ऐसे मैसेज दिखाए जाते थे - "कीमत जितनी ज्यादा, राइड मिलने के चांस उतने ज्यादा" और "कैप्टन 60 रुपये में राइड नहीं ले रहे। +10, +20, +30 रुपये जोड़कर देखें।" यानी पहले एक किराया दिखाकर बुकिंग के वक्त ग्राहक को ज्यादा पैसे देने के लिए उकसाया जाता था।

CCPA ने इसे "कन्फर्म शेमिंग" नाम का डार्क पैटर्न बताया है। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे मैसेज देखकर ग्राहक को डर लगता है कि अगर उसने ज्यादा पैसे नहीं दिए तो उसे राइड नहीं मिलेगी या राइड में देर हो जाएगी। इस तरह इंटरफेस ग्राहक पर मानसिक दबाव डालकर उससे ज्यादा पैसे वसूलता है।

रैपिडो के "अपनी कीमत तय करें" वाले प्राइसिंग स्लाइडर पर भी CCPA ने आपत्ति जताई। ज्यादा किराया देने पर स्लाइडर हरे रंग में राइड मिलने की ज्यादा संभावना दिखाता था, जबकि कम किराया देने पर लाल या नारंगी रंग में चेतावनी आती थी। इतना ही नहीं, स्लाइडर में कीमत बढ़ाने के लिए ज्यादा स्कोप रखा गया था जबकि घटाने का दायरा बहुत कम था। CCPA ने इसे "इंटरफेस इंटरफेरेंस" नाम का एक और डार्क पैटर्न बताया, यानी ऐप की डिजाइन ही ग्राहक को ज्यादा कीमत चुनने के लिए प्रभावित कर रही थी।

CCPA ने एडवांस टिप देने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। प्राधिकरण के मुताबिक टिप आमतौर पर सर्विस मिलने के बाद अपनी मर्जी से दी जाने वाली रकम होती है, इसलिए राइड शुरू होने से पहले इसे इस तरह पेश नहीं किया जा सकता कि लगे ज्यादा पैसे देने से राइड मिलने के चांस बढ़ जाएंगे। CCPA ने Motor Vehicle Aggregator Guidelines 2025 का भी हवाला दिया, जिसके मुताबिक टिपिंग की सुविधा बुकिंग के वक्त या राइड के दौरान नहीं बल्कि राइड पूरी होने के बाद दी जानी चाहिए।

रैपिडो ने अपनी सफाई में कहा कि यह एक्स्ट्रा पेमेंट पूरी तरह वैकल्पिक है और उनका मैचिंग एल्गोरिदम इस पेमेंट पर निर्भर नहीं करता। लेकिन CCPA का कहना है कि रैपिडो यह साबित करने के लिए कोई डेटा पेश नहीं कर पाया कि ज्यादा पैसे देने से वाकई राइड मिलने के चांस बढ़ते हैं।

यह कार्रवाई सिर्फ रैपिडो तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण ने उबर, ओला, रैपिडो और नम्मा यात्री जैसे कई राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर एडवांस्ड टिपिंग और डार्क पैटर्न के तरीकों की जांच की है। उबर और ओला के खिलाफ जांच अभी जारी है।

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