मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:00 IST

इंटेल के CEO ने भारतीय EV कंपनी अल्ट्राव्हायोलेट में लगाए पैसे, ग्लोबल विस्तार की तैयारी

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी अल्ट्राव्हायोलेट ने 85 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई, जिसमें इंटेल के CEO लिप-बू टॅन ने निजी तौर पर निवेश किया है।

इंटेल के CEO ने भारतीय EV कंपनी अल्ट्राव्हायोलेट में लगाए पैसे, ग्लोबल विस्तार की तैयारी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी अल्ट्राव्हायोलेट ने ग्लोबल स्तर पर विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 85 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई है, और इस राऊंड में इंटेल के CEO लिप-बू टॅन ने भी अपने निजी पैसे लगाए हैं। खास बात यह है कि टॅन अब अल्ट्राव्हायोलेट में सलाहकार के तौर पर भी काम करेंगे।

यह नई पूंजी तीन कामों में लगाई जाएगी: प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाना, नया इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेटफॉर्म तैयार करना, और विदेशों में कंपनी का विस्तार करना। अल्ट्राव्हायोलेट फिलहाल भारत के साथ-साथ 20 यूरोपीय देशों में मौजूद है। कंपनी ने 2027 में अमेरिकन मार्केट में एंट्री का टारगेट रखा है, और उसके बाद लैटिन अमेरिका और साउथ-ईस्ट एशिया के देशों में भी विस्तार की तैयारी है।

कंपनी के मौजूदा प्रोडक्ट्स में F77 और X-47 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें शामिल हैं। नई फंडिंग से इन मॉडल्स का प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ-साथ Tesseract इलेक्ट्रिक स्कूटर और Shockwave एंड्युरो मोटरसाइकिल के डेवलपमेंट को भी रफ्तार मिलेगी। इन्वेस्टर्स के मुताबिक, Tesseract को 2027 की शुरुआत में लॉन्च करने का टारगेट रखा गया है।

अल्ट्राव्हायोलेट की एक और खासियत यह है कि कंपनी ज्यादातर टेक्नोलॉजी खुद डेवलप करती है। बैटरी आर्किटेक्चर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, व्हीकल प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर पर कंपनी ने अपनी खुद की क्षमता तैयार की है। इसकी टेक्निकल कैपेसिटी 48V से लेकर 400V तक के बैटरी आर्किटेक्चर को सपोर्ट करती है। X-47 में रडार पर बेस्ड सेफ्टी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।

प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए तमिलनाडु के होसूर में नया प्लांट लगाने की योजना है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में करीब 779 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, और पूरा विस्तार होने के बाद सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 5 लाख यूनिट्स तक ले जाने का प्लान है। इस कैपेसिटी से अल्ट्राव्हायोलेट को प्रीमियम इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के साथ-साथ बड़े कस्टमर बेस के लिए प्रोडक्ट्स बनाने में मदद मिल सकती है।

इंटेल के CEO की भागीदारी और बड़ी फंडिंग के बाद अल्ट्राव्हायोलेट अब सिर्फ एक भारतीय EV कंपनी न रहकर ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में प्रोडक्शन, नए मॉडल्स और एक्सपोर्ट, इन तीनों मोर्चों पर कंपनी का परफॉर्मेंस अहम साबित होगा।

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