इलाज के लिए भी मोहताज है निर्मल उज्ज्वल पीड़ित
नंदनवन स्थित मुख्यालय पर हुए इकट्ठा, गड़बड़ी की आशंका से पुलिस तैनात
नागपुर.
नागपुर की निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में वित्तीय अनियमितताओं और फंड डायवर्जन की वजह से आर्थिक संकट का सामना कर रहे निवेशक बर्बाद होने की कगार पर आ गए है. आर्थिक तंगी की वजह से वह बीमारी का उपचार तक नहीं करा पा रहे है. संतप्त निवेशकों ने 5 अक्तूबर को नंदनवन स्थित सोसायटी के मुख्यालय के सामने इकट्ठा होकर अपना विरोध भी जताया. जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति निर्माण हो गई थी.
ज्ञात हो कि निर्मल निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी काफी समय से आर्थिक संकट का सामना कर रही है. लंबे वक्त से ग्राहकों को उनकी जमा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है. सोसायटी में एफडी तथा अन्य योजनाओं में निवेश करनेवाले पैसों के लिए नियमित चक्कर काट रहे है. उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है. सितंबर 2026 में सीआरसीएस ने फॉरेंसिक ऑडिट में सहयोग नहीं करने की वजह से सोसायटी के खिलाफ लिक्विडेशन/वाइंडिंग-अप की प्रक्रिया शुरू की है. सीआरसीएस ने 24 अप्रैल 2026 को आदेश जारी करके सोसायटी के नए डिपॉजिट लेने और पुरानी जमा राशि के नवीनीकरण करने पर रोक लगा दी है. मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने भी जमाकर्ताओं के हितों को सर्वोपरी बताते हुए केंद्रीय प्रतिबंध को बरकरार रखा है. इसी बीच आज निवेशकों की भीड़ जूटने का पता चलते ही मुख्यालय के सामने पुलिस की तैनाती कर दी गई. जमाकर्ताओं का कहना है कि सोसायटी ने खूद की सुरक्षा के लिए तो पुलिस की तैनाती कर दी है लेकिन हमारी सुध लेनेवाला कोई नहीं है. उन्होंने सोसायटी पर भरोसा करके मेहनत की कमाई जमा की थी. उन्हें सोसायटी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है. पुलिस का कहना है कि गड़बड़ी की आशंका से कर्मियों की तैनाती की गई है.