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00:53 IST

गुवाहाटी में जुबीन गर्ग की याद में 45 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा, इको फ्रेंडली तरीके से बनी

फाटासिल अंबारी इलाके में इस बार गणेशोत्सव का आयोजन दिवंगत गायक जुबीन गर्ग को समर्पित किया गया है, मूर्ति बनाने में प्लास्टिक और सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल नहीं हुआ।

गुवाहाटी में जुबीन गर्ग की याद में 45 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा, इको फ्रेंडली तरीके से बनी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

देशभर में गणेश चतुर्थी के उत्सव की तैयारी जोरों पर चल रही है और आसाम की राजधानी गुवाहाटी भी इसमें पीछे नहीं है। शहर के फाटासिल अंबारी इलाके में इस साल भगवान गणेश की करीब 45 फीट ऊंची इको फ्रेंडली प्रतिमा तैयार की गई है। खास बात यह है कि यह प्रतिमा दिवंगत गायक जुबीन गर्ग की याद को समर्पित की गई है।

इस बार का गणेशोत्सव फाटासिल अंबारी इलाके के डॉ. बी.आर. आंबेडकर यूथ क्लब और तेलुगू एसोसिएशन ने मिलकर आयोजित किया है। यह दोनों संगठन पिछले 40 सालों से गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाते आ रहे हैं। इससे पहले इन्होंने 41 फीट और 35 फीट ऊंची गणेश प्रतिमाएं स्थापित की थीं, लेकिन इस बार जुबीन गर्ग को समर्पित करते हुए 45 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई गई है।

इस साल की प्रतिमा पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल तरीके से तैयार की गई है। इसे बनाने में प्लास्टिक और सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रतिमा उत्तर पूर्व भारत में भगवान गणेश की सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जा रही है।

यूथ क्लब के सचिव सी.एच. गोविंदा ने बताया कि पहले 41 फीट और 35 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनाई गई थीं, लेकिन इस बार की 45 फीट ऊंची प्रतिमा आसाम के मशहूर कलाकार और दिवंगत गायक जुबीन गर्ग को समर्पित है।

प्रतिमा से जुड़ी खास बातें कुछ इस तरह हैं। गणपति की यह प्रतिमा करीब 45 फीट ऊंची है। इसे इको फ्रेंडली तरीके से तैयार किया गया है। प्लास्टिक और सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल से बचा गया है। यह प्रतिमा दिवंगत गायक जुबीन गर्ग की याद को समर्पित है। आयोजक पिछले 40 सालों से गणेशोत्सव मना रहे हैं।

तेलुगू एसोसिएशन के सदस्य डी.के. कामराजू ने बताया कि इस बार का गणेशोत्सव सात दिन तक चलेगा। 14 से 20 सितंबर के बीच अलग अलग कार्यक्रम रखे गए हैं। इस उत्सव में स्थानीय विधायक, सांसद और अन्य मंत्रियों को भी बुलाया गया है।

जुबीन गर्ग आसाम के मशहूर गायक, संगीतकार, गीतकार और एक्टर थे। उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए भी कई लोकप्रिय गाने गाए थे। 'या अली', 'दिल तू ही बता', 'एक दिन तेरी राहों में' और 'दिलरुबा' जैसे गानों से उन्हें देशभर में पहचान मिली थी।

19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में संदिग्ध हालात में जुबीन गर्ग का निधन हो गया था। उनकी मौत के मामले की जांच चल रही है और इसमें अब तक कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

जुबीन गर्ग को समर्पित यह 45 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा उनके फैंस और आसाम के लोगों के लिए एक खास श्रद्धांजलि बन गई है।

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