मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:12 IST

गणेशोत्सव में बच्चों से भीख मंगवाने पर अमित ठाकरे भावुक, लोगों से रोकने की अपील

मनसे नेता अमित ठाकरे ने ट्विटर पर पोस्ट कर कहा कि बच्चों के शरीर पर सिल्वर और केमिकल रंग लगाकर उनसे भीख मंगवाई जा रही है, यह तुरंत रोका जाए।

गणेशोत्सव में बच्चों से भीख मंगवाने पर अमित ठाकरे भावुक, लोगों से रोकने की अपील
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज्य में गणेशोत्सव का माहौल चल रहा है, लेकिन इसी बीच कुछ छोटे बच्चों के साथ हो रहे एक शोषण को लेकर मनसे के युवा नेता अमित ठाकरे ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। अमित ठाकरे ने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट करते हुए कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसे रोका जाना चाहिए।

अमित ठाकरे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि गणेशोत्सव चल रहा है और चारों तरफ खुशी का माहौल है, लेकिन इसी बीच सड़क पर एक चीज देखने को मिल रही है। छोटे-छोटे बच्चों के शरीर पर सिल्वर और केमिकल रंग लगाकर उन्हें भगवान या महापुरुषों के रूप में खड़ा किया जा रहा है और उनसे भीख मंगवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बहुत भयानक है।

21 सितंबर 2026 को अपने ट्विटर हैंडल (@amitrthackeray) से किए गए इस पोस्ट में अमित ठाकरे ने महाराष्ट्र के सैनिकों और नागरिकों से अपील की कि जहां भी ऐसा होता दिखे, वहीं उसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे के परिवार को मदद की जरूरत है तो वह खुद मदद करेंगे और उनके साथ खड़े रहेंगे।

अमित ठाकरे ने कहा कि कुछ माता-पिता और रिश्तेदार गणेशोत्सव के दौरान इस तरह छोटे बच्चों को सिल्वर और केमिकल रंग लगाकर देवी-देवता या महापुरुषों के रूप में खड़ा कर भीख मंगवा रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों का इस तरह शोषण बिल्कुल नहीं होने दिया जाना चाहिए और यह तस्वीर बदलनी ही होगी। जहां भी ऐसा दिखे, वहीं इसे तुरंत रोकने की अपील उन्होंने की है।

पोस्ट में यह भी बताया गया कि ऐसे मामलों में क्या किया जाए। किसी भी बच्चे के शोषण या बच्चों से भीख मंगवाए जाने के खिलाफ तुरंत मदद के लिए 1098 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और घटना की जानकारी तथा लोकेशन पास के पुलिस स्टेशन को दी जा सकती है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस को 100 और 112 नंबर पर भी शिकायत की जा सकती है। बाल कल्याण समिति से भी शिकायत की जा सकती है, या बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली स्थानीय संस्थाओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलाकर मदद ली जा सकती है।

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