गणेशोत्सव के लिए मुंबई पुलिस मुस्तैद, बंदोबस्त में 25 हजार से ज्यादा जवान तैनात
गणेशोत्सव के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है, विसर्जन के दिन करीब 30 से 32 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगाए जाएंगे
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गणेशोत्सव नजदीक आते ही मुंबई पुलिस दल पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पिछले दो-तीन दिनों से बड़े अधिकारियों से लेकर आम कर्मचारी तक सब तैयारी में जुटे हैं, ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए। इसके लिए मनपा, ट्रैफिक पुलिस, सिक्योरिटी गार्ड फोर्स और सेंट्रल रिजर्व सिक्योरिटी फोर्स के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है। साथ ही हर इलाके के परिमंडल स्तर पर वहां के सार्वजनिक गणेश मंडलों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
दस दिन के इस बंदोबस्त में 25 हजार से ज्यादा पुलिसवाले तैनात रहेंगे। विसर्जन वाले दिन यह संख्या बढ़कर करीब 30 से 32 हजार पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों तक पहुंच जाएगी। महाराष्ट्र के सबसे बड़े त्योहारों में शुमार गणपती उत्सव के दौरान मुंबई में सार्वजनिक गणपती के दर्शन और सजावट देखने भक्तों का सैलाब उमड़ता है, और इसी वजह से मुंबई पुलिस की असली परीक्षा भी इसी दौरान होती है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस को धार्मिक तनाव न फैले, दंगे न भड़कें इसका भी ध्यान रखना पड़ता है, और साथ ही आतंकवादी व देश-विरोधी गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखनी होती है। इसके लिए लॉ एंड ऑर्डर एडमिनिस्ट्रेशन, एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड और क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट जैसे तमाम पुलिस विभाग अलर्ट पर रहते हैं। सीधे आम जनता से जुड़ी ट्रैफिक पुलिस को भी ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है। गणेशोत्सव शुरू होने से लेकर विसर्जन तक पुलिस को 24 घंटे ड्यूटी पर रहना होता है।
सुरक्षा को देखते हुए दो दिन पहले ही 13 सितंबर से 12 अक्टूबर तक ड्रोन, रिमोट कंट्रोल माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट और पैराग्लाइडर जैसे उपकरणों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। विसर्जन के दिन 30 से 32 हजार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा कोस्ट गार्ड, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स की 16 प्लाटून टुकड़ियां और पांच सेंट्रल रिजर्व टुकड़ियां भी सुरक्षा में तैनात रहेंगी। इसके अलावा दंगा-रोधी दस्ते की गाड़ियां और महिला पुलिस का स्पेशल दस्ता भी मौजूद रहेगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह शुरुआती जानकारी है और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव किया जा सकता है।
इस बार शहर में करीब साढ़े छह हजार छोटे-बड़े सार्वजनिक गणेश मंडल हैं, जबकि करीब पौने दो लाख घरों में गणपती विराजेंगे। भुलेश्वर और शीतल तालाव कुर्ला में पहले ऊंची मूर्तियों के आगमन जुलूस के दौरान हादसे हो चुके हैं, जिसकी वजह खराब सड़कें बताई जा रही हैं। गनीमत रही कि उस वक्त सबने शांति बनाए रखी, लेकिन ऐसी घटनाएं दोबारा न हों इसके लिए ऊंची मूर्तियों वाले मंडलों और मनपा के बीच तालमेल बिठाया गया है। शहर में पहले से ही जगह-जगह सीसीटीवी का जाल बिछा है, लेकिन संदिग्ध और संवेदनशील इलाकों में अत्याधुनिक एआई टेक्नोलॉजी वाले कैमरे भी लगाए गए हैं, ऐसा अधिकारियों ने बताया।