गणेश विसर्जन के लिए नागपुर मनपा ने बनाए 419 कृत्रिम कुंड, QR कोड से मिलेगी लोकेशन
नागपुर में गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण बचाने के लिए मनपा ने शहर भर में कृत्रिम विसर्जन कुंड और निर्माल्य रथ उतारे, डिजिटल मैप से मिलेगी नजदीकी कुंड की जानकारी।
गणेशोत्सव में नदी, तालाब और कुओं को प्रदूषण से बचाने के लिए नागपुर महानगरपालिका ने इस बार बड़े पैमाने पर तैयारी की है। शहर भर में गणेश प्रतिमाओं के पर्यावरणपूरक विसर्जन के लिए कुल 419 कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए गए हैं, ताकि लोग प्राकृतिक जलस्रोतों की बजाय इन कुंडों में मूर्ति विसर्जित करें।
इसके साथ ही गणेशोत्सव के दौरान निकलने वाले निर्माल्य को वैज्ञानिक और पर्यावरणपूरक तरीके से ठिकाने लगाने के लिए मनपा ने 18 निर्माल्य रथ भी मैदान में उतारे हैं। फुटाला तालाब परिसर में बने कृत्रिम विसर्जन कुंडों का लोकार्पण महापौर नीता ठाकरे के हाथों हुआ।
मनपा मुख्यालय परिसर में हुए एक अलग कार्यक्रम में महापौर ने हरी झंडी दिखाकर निर्माल्य रथों को रवाना किया। इस मौके पर उपमहापौर लीला हाथीबेड, सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर, शिवानी दाणी, अभिजीत झा, अतिरिक्त आयुक्त अंकित, उपायुक्त राजेश भगत और मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेंद्र महल्ले मौजूद रहे।
छोटी गणेश प्रतिमाओं के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं, जबकि बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए गोरेवाड़ा, पुलिस लाइन टाकली, लकड़गंज इलाके के कच्छी वीसा और कोराडी में बड़े कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं। मनपा का कहना है कि प्राकृतिक जलस्रोतों की जगह इन तय कुंडों में विसर्जन करने से तालाब, नदी, कुएं और नालों में होने वाला जल प्रदूषण काफी हद तक कम होगा।
महापौर नीता ठाकरे ने नागरिकों से अपील की कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन तालाब, कुएं या नाले में न करें। उन्होंने कहा कि मनपा ने बड़ी तादाद में कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए हैं और इनका इस्तेमाल करने से प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। कृत्रिम कुंडों की जानकारी डिजिटल माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
नागरिकों को अपने घर के आसपास कृत्रिम विसर्जन कुंड ढूंढने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े, इसके लिए मनपा ने QR कोड और डिजिटल मैप की सुविधा दी है। QR कोड स्कैन करते ही लोगों को अपने इलाके के सबसे नजदीकी कृत्रिम विसर्जन कुंड की जानकारी मिल जाएगी। इसमें जोन के हिसाब से विसर्जन स्थलों का पूरा ब्योरा तो रहेगा ही, गूगल मैप के जरिए वहां तक पहुंचने का रास्ता भी दिखेगा। मनपा ने इसके लिए एक खास वेबसाइट भी बनाई है, जिससे नागरिक अपने मोबाइल पर ही विसर्जन कुंड की पूरी जानकारी देख सकते हैं।