एसटी बसों में अब कंडक्टर ही करेंगे NCMC कार्ड टॉपअप, महिलाओं-बुजुर्गों को राहत
राज्य परिवहन निगम ने सवलत वाले यात्रियों के लिए एनसीएमसी कार्ड रिचार्ज की सुविधा अब बस में ही कंडक्टर के पास उपलब्ध करा दी है
गणपति बाप्पा के आगमन के पहले ही दिन राज्य रस्ते परिवहन महामंडल (एसटी) ने अपने यात्रियों को एक बड़ी राहत दी है। अब एनसीएमसी कार्ड की सुविधा का फायदा उठाने वाले यात्री बस में सफर करते करते ही अपने कार्ड का टॉपअप रिचार्ज करवा सकेंगे, और यह काम खुद बस का कंडक्टर करेगा।
दरअसल एसटी महामंडल ने 1 सितंबर से महिलाओं और 65 से 75 साल की उम्र के बुजुर्ग यात्रियों के लिए सुविधा का लाभ लेने के लिए एनसीएमसी कार्ड को अनिवार्य कर दिया था। लेकिन इसके बाद यात्रियों को नई दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। जिन यात्रियों के कार्ड में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता था, उन्हें रिचार्ज के लिए डेपो या तय सेंटरों के चक्कर काटने पड़ते थे। कई बार ऐन मौके पर बैलेंस खत्म हो जाने से यात्रियों को सुविधा की जगह पूरा टिकट खरीदना पड़ता था।
कुछ जगहों पर तो छुट्टे पैसे न होने की वजह से यात्रियों को बस से उतार भी दिया गया था। इसी परेशानी को देखते हुए महामंडल ने अब टॉपअप की जिम्मेदारी सीधे कंडक्टरों को सौंप दी है। इसका मतलब यह है कि यात्री अब सफर के दौरान ही जरूरत के मुताबिक बस में पैसे भरवा सकेंगे, और रिचार्ज के लिए अलग से भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
पिछले करीब दो हफ्तों से यात्रियों को जो परेशानी झेलनी पड़ रही थी, वह गणेशोत्सव के इसी दौर में अब खत्म हो गई है। गणेशोत्सव के समय एसटी बसों में यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, ऐसे समय में रिचार्ज की दिक्कत से बड़ी अफरातफरी मच सकती थी। लेकिन यह सुविधा शुरू होने से सफर की यह अड़चन दूर हो जाएगी, साथ ही महामंडल के राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
कंडक्टर से मिलने वाली इस सुविधा के अलावा यात्री घर बैठे 'भीम' (BHIM) ऐप के जरिए भी अपना एनसीएमसी कार्ड टॉपअप कर सकते हैं। इसके लिए कार्ड के पीछे दिए गए क्यूआर कोड का इस्तेमाल करना होगा। इससे डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए घर बैठे कार्ड में पैसे लोड करना और आसान हो गया है।
अब तक बैलेंस खत्म होने पर कार्ड रिचार्ज कराने के लिए यात्रियों को डेपो या दूसरे सेंटरों पर जाना पड़ता था, जिससे उनकी काफी भागदौड़ होती थी। अब सीधे कंडक्टर से ही टॉपअप की सुविधा मिलने से यह भागदौड़ पूरी तरह खत्म हो जाएगी। महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को सफर के दौरान ही जरूरी रकम भरने का मौका मिलेगा, जिससे उनके लिए सुविधा का फायदा उठाना और आसान हो जाएगा।