एशियन गेम्स 2026 में भारत के 85 मेडल, 21 गोल्ड; ये पांच बातें रहीं सबसे खास
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 21 सुवर्ण समेत कुल 85 मेडल जीते। महिला हॉकी के गोल्ड से लेकर मैराथन के सिल्वर तक, कई खेलों में नया इतिहास बना।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। देश ने कुल 21 सुवर्ण पदक के साथ 85 मेडल अपने नाम किए। इस स्पर्धा में कई ऐसी बातें हुईं जो भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुईं। इनमें से पांच बातें हर भारतीय के लिए यादगार बन गई हैं।
सबसे पहले महिला हॉकी की बात। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल का सूखा खत्म करते हुए गोल्ड मेडल जीता। सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम ने पूरी स्पर्धा में बढ़िया खेल दिखाया। फाइनल में भारत का मुकाबला चीन से हुआ, जो कांटे का रहा। भारत ने यह मैच 1-0 से जीता और 1982 के बाद पहली बार गोल्ड अपने नाम किया।
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी एमएमए में भारत को एशियन गेम्स के इतिहास में अपना पहला मेडल मिला। सुचिका तारियाल ने महिलाओं के 60 किलो वजन वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वे अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गईं, इसलिए भारत इस स्पर्धा में गोल्ड या सिल्वर से चूक गया।
सॉफ्ट टेनिस उन खेलों में है, जिन्हें एशियन गेम्स में पहली बार शामिल किया गया था। इस खेल में भारत की तरफ से जय मीणा ने पुरुषों की स्पर्धा में बेहतरीन खेल दिखाया और देश को पहला मेडल दिलाया। जय ने ब्रॉन्ज जीता। इसके साथ ही रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने भी भारत को पहला पदक दिलाया।
स्क्वॉश में अनाहत सिंह सिंगल्स के फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। वे गोल्ड नहीं जीत सकीं, लेकिन सिल्वर जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया। पोल वॉल्ट में बरनिका इलांगोवन ने एशियन गेम्स में भारत को पहला पदक दिलाया। उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 28 साल का सूखा खत्म किया और एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार पदक हासिल किया। उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। वहीं सावन बरवाल ने मैराथन में 1982 के बाद भारत को पहला मेडल दिलाया। सावन सिल्वर जीतकर अपने देश लौटे।
इन सब जीतों को साथ रखकर देखें तो साफ है कि यह स्पर्धा भारत के लिए कई मायनों में खास रही। नए खेलों में पहले मेडल मिले और पुराने सूखे खत्म हुए। यही वजह है कि एशियन गेम्स 2026 को हर भारतीय के लिए यादगार माना जा रहा है।