एशियाई खेलों में अंतिम पंघाल को रजत, फाइनल में जापान की माओ कियोका से 1-9 से हारीं
महिलाओं के 53 किलो वर्ग के फाइनल में अंतिम पंघाल जापान की माओ कियोका से हार गईं और भारत को रजत पदक मिला।
एशियाई खेल 2026 में भारत की स्टार महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने देश के लिए रजत पदक जीता है। महिलाओं के 53 किलो वजन वर्ग के फाइनल में उनका सामना जापान की माओ कियोका से हुआ, जिसमें पंघाल 1-9 से हार गईं। सोने की लड़ाई में वे जापानी पहलवान की चुनौती का जवाब नहीं दे पाईं।
मुकाबले के पहले सेशन में कियोका ने 2-0 की बढ़त बना ली। पंघाल ने वापसी की कोशिश की, लेकिन दूसरे सेशन में उनके पैर में चोट लग गई। चोट की वजह से उनकी तकलीफ और बढ़ गई और कियोका ने इसका फायदा उठाकर लगातार अंक बटोरे। पहले सेशन में पंघाल एक भी अंक नहीं बना सकी थीं। दूसरे सेशन में भी जापानी पहलवान हावी रहीं और उन्होंने 7 अंक जोड़े। इस तरह पंघाल को वापसी का कोई मौका नहीं मिला और आखिरी स्कोर 1-9 रहा। नतीजा यह कि गोल्ड मेडल जीतने का मौका हाथ से निकल गया और उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा।
फाइनल तक का पंघाल का सफर दमदार रहा था। उन्होंने कजाकिस्तान की शुगायला ओमीरबेक को 9-0 से हराया। इसके बाद उज्बेकिस्तान की साकिबजमाल एस्बोसिनोवा को उन्होंने 8-0 से मात दी। सेमीफाइनल में उनके सामने चीन की झांग जिन थीं। शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद पंघाल ने शानदार वापसी की और वह मुकाबला 6-1 से जीतकर फाइनल में पहुंचीं।
पंघाल के रजत के साथ इन खेलों में कुश्ती में भारत के छह पदक हो गए हैं। भारतीय पहलवानों ने अब तक दो गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। इससे पहले पुरुषों के 57 किलो वर्ग में अमन सेहरावत ने गोल्ड मेडल जीता था। पुरुषों के 65 किलो फ्रीस्टाइल में सुजीत ने भी सोना जीता था।
पंघाल के इस पदक के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 84 हो गई है। इनमें अब तक 20 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। फाइनल की हार के बावजूद पंघाल का पूरा टूर्नामेंट मजबूत रहा, जिसमें उन्होंने तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी।