एशियाई खेलों में अंकुश पंघाल सेमीफाइनल में, बॉक्सिंग में भारत का पहला मेडल पक्का
80 किलो वर्ग के क्वार्टरफाइनल में अंकुश पंघाल ने ताजिकिस्तान के बॉक्सर को 5-0 से हराया।
भारतीय बॉक्सर अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों 2026 में भारत के लिए एक और मेडल पक्का कर दिया है। रविवार को हुए पुरुषों के 80 किलो वजनी वर्ग के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उन्होंने ताजिकिस्तान के नेक्रुझ सलीमोव को 5-0 से मात दी। इस जीत के साथ अंकुश शानदार तरीके से सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं, और इसी के साथ बॉक्सिंग में एशियाई खेलों में भारत का पहला मेडल तय हो गया है। एशियाई खेलों की बॉक्सिंग स्पर्धा में यह भारत का पहला मेडल है।
क्वार्टरफाइनल में अंकुश पंघाल का प्रदर्शन दमदार रहा। तीन राउंड के इस मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही ताजिक बॉक्सर पर दबदबा बनाए रखा, जबकि सलीमोव भारतीय बॉक्सर की बराबरी करने के लिए संघर्ष करते नजर आए। अंकुश ने पहला राउंड 5-0 से जीता। दूसरे राउंड में अंकुश और आक्रामक हो गए और लगातार पंच जमाए। उन्होंने अपना दमदार लेफ्ट हुक भी दिखाया और हमलावर होकर दूसरा राउंड भी 5-0 से जीत लिया। नॉकडाउन की कोशिश में जुटे सलीमोव ने आखिरी राउंड में वापसी की। उन्होंने अंकुश पर कुछ पंच जड़े, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने अपना डिफेंस बनाए रखा। इसके बावजूद ताजिक बॉक्सर तीसरा राउंड 4-1 से जीतने में कामयाब रहे। मगर अंकुश ने पहले दोनों राउंड सर्वसम्मति से जीतकर यह मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया। खास बात यह है कि अंकुश पहली बार एशियाई खेलों में खेल रहे हैं।
अंकुश पंघाल ने पिछले कुछ सालों में 80 किलो वजनी वर्ग में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। हरियाणा में जन्मे अंकुश ने 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी। उन्होंने 2025 के वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में सिल्वर मेडल जीता था। पिछले महीने हुए राष्ट्रकुल खेलों में उन्होंने पुरुषों के 80 किलो वजनी वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। अब वे भारतीय बॉक्सिंग के कामयाब बॉक्सरों में गिने जाते हैं।
भारत ने 2026 के एशियाई खेलों में अब तक चार गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज सहित कुल 30 मेडल जीते हैं। 26 सितंबर को भारतीय महिला टीम की जीत के बाद, पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर कबड्डी में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता। जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने स्क्वॉश में ब्रॉन्ज मेडल जीते। सावन बरवाल ने 2026 के एशियाई खेलों की मैराथन में दूसरा स्थान हासिल किया, जिससे इस इवेंट में यह भारत का चौथा मेडल बना।