दुनिया का सबसे छोटा यूनिवर्सिटी कैंपस, सिर्फ ३ क्लासरूम्स में होती है पढ़ाई
प्रशांत महासागर के छोटे से देश तुवालु में यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पॅसिफिक का एक कैंपस है, जो सिर्फ तीन क्लासरूम्स का बना है फिर भी सैकड़ों स्टूडेंट्स यहां पढ़ते हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
यूनिवर्सिटी का नाम सुनते ही जेहन में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स और ढेर सारे क्लासरूम्स की तस्वीर उभरती है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी यूनिवर्सिटी के बारे में सुना है जहां सिर्फ ३ क्लासरूम्स हैं? यह सच है और यह कैंपस प्रशांत महासागर के एक छोटे से देश में मौजूद है।
यह कैंपस तुवालु की राजधानी फुनाफुटी में है। तुवालु प्रशांत महासागर में बसा एक बेहद छोटा आइलैंड कंट्री है। यहां का यह कैंपस यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पॅसिफिक यानी USP का ही एक हिस्सा है। USP का मुख्य कैंपस फिजी में है, जबकि इसके और भी कई कैंपस प्रशांत महासागर के अलग-अलग देशों में फैले हुए हैं। तुवालु के स्टूडेंट्स को अपने ही देश में पढ़ाई का मौका मिले, इसी मकसद से यहां भी यूनिवर्सिटी का कैंपस बनाया गया। इससे स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इस कैंपस की सबसे खास बात यही है कि यहां केवल ३ क्लासरूम्स हैं। पूरी बिल्डिंग भी बहुत बड़ी नहीं है। क्लासरूम्स के अलावा यहां कुछ ऑफिस और एक कॉन्फ्रेंस रूम भी है। हर सेशन में करीब ३३० स्टूडेंट्स इस कैंपस की सुविधाओं से जुड़े रहते हैं। इनमें से कुछ स्टूडेंट्स सीधे कैंपस आकर पढ़ते हैं, तो वहीं दूर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी दी जाती है। यानी जगह भले ही छोटी हो, लेकिन स्टूडेंट्स की तादाद और पढ़ाई का काम काफी बड़ा है।
तुवालु में कई छोटे-छोटे आइलैंड्स हैं और एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान नहीं होता। ऐसे में यह कैंपस वहां के स्टूडेंट्स के लिए बेहद काम का साबित होता है। उन्हें हायर एजुकेशन के लिए अपना देश छोड़कर बाहर जाने की खास जरूरत नहीं पड़ती। यह कैंपस १९८० के दशक की शुरुआत में एक एक्सटेंशन सेंटर के तौर पर शुरू हुआ था। बाद में यह यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पॅसिफिक के कैंपस का हिस्सा बन गया। आज इतनी सीमित जगह में भी यहां स्टूडेंट्स को पढ़ाई से जुड़ी सुविधाएं दी जा रही हैं।