मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:33 IST

डोंबिवली में इस बार रासरंग दांडिया उत्सव रद्द, सांसद श्रीकांत शिंदे ने किसानों की मदद को दी प्राथमिकता

कल्याण लोकसभा सीट के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने महाराष्ट्र में अनियमित बारिश से परेशान किसानों की मदद के लिए डोंबिवली के मशहूर रासरंग दांडिया उत्सव को इस साल रद्द करने का फैसला लिया है।

डोंबिवली में इस बार रासरंग दांडिया उत्सव रद्द, सांसद श्रीकांत शिंदे ने किसानों की मदद को दी प्राथमिकता
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश की अनियमितता के चलते खेती को भारी नुकसान हुआ है और किसान परिवार गंभीर संकट में फंस गए हैं। साल भर मेहनत करके तैयार की गई फसल आंखों के सामने बर्बाद होती देख किसान परिवारों के साथ खड़े होने का फैसला लेते हुए कल्याण लोकसभा मतदार संघ के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने डोंबिवली में हर साल होने वाला भव्य रासरंग दांडिया उत्सव इस बार रद्द करने का फैसला किया है। इसकी जानकारी शिवसेना विधायक राजेश मोरे ने गुरुवार को एक पत्रकार परिषद में दी।

हर साल इस उत्सव पर होने वाला खर्च इस बार उत्सव पर न लगाकर संकट में फंसे किसान परिवारों की मदद पर खर्च किया जाएगा। डोंबिवली में नवदुर्गा मित्र मंडल और डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन की तरफ से हर साल डी. एन. सी. स्कूल के मैदान में यह भव्य दांडिया उत्सव आयोजित होता आया है। डोंबिवली के अलावा कल्याण-डोंबिवली, ठाणे, उल्हासनगर, अंबरनाथ और आसपास के इलाकों से हजारों लोग इसमें शामिल होते रहे हैं। पिछले कई सालों से रासरंग डोंबिवली के नवरात्रि उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रहा है और दांडिया के शौकीनों को हर साल इसका खास इंतजार रहता है।

लेकिन इस बार महाराष्ट्र के किसान बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। कई इलाकों में बारिश की गड़बड़ी से खेती का बड़ा नुकसान हुआ है और किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साल भर की मेहनत से खड़ी की गई फसल हाथ से निकल जाने से कई परिवारों की आमदनी का सहारा ही छिन गया है। इस नुकसान का असर सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

इस हालात को गंभीरता से देखते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस बार रासरंग का भव्य आयोजन न करने का फैसला किया है। किसान संकट में हों तब उसी तरह बड़ा उत्सव मनाना ठीक नहीं होगा, यही सोच इस फैसले के पीछे है। उत्सव पर होने वाला खर्च इस बार संकटग्रस्त किसान परिवारों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, और उत्सव से जो खुशी मिलती थी, उसे इस बार किसानों की मदद के जरिए बांटने की कोशिश की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी संकट में फंसे किसान परिवारों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कहते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अकोला, बुलढाणा जैसे इलाकों के किसानों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां जानी थीं। संकटग्रस्त परिवारों की मदद करते समय उनके बच्चों की पढ़ाई, बेटे-बेटियों की शादी और दूसरी पारिवारिक जिम्मेदारियों में भी मदद का हाथ बढ़ाने की बात उन्होंने कही थी। इसी को देखते हुए शिवसेना की तरफ से भी किसान परिवारों को हरसंभव मदद देने की कोशिशें चल रही हैं।

इसी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने रासरंग उत्सव को लेकर यह फैसला लिया है। हर साल उत्सव के आयोजन पर खर्च होने वाला फंड इस बार संकटग्रस्त किसानों की मदद की तरफ मोड़ा जाएगा, और नवदुर्गा मित्र मंडल तथा डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन की तरफ से किसानों को भरीव फंड भी उपलब्ध कराया जाएगा। किस इलाके के किसानों को और किस तरीके से मदद ज्यादा असरदार तरीके से पहुंचाई जा सकती है, इसकी योजना बनाने का काम फिलहाल जारी है। मदद सीधे जरूरतमंद किसान परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए नुकसान झेल रहे इलाकों का जायजा लेकर उसी हिसाब से मदद का स्वरूप तय किया जाएगा। इस मदद की पूरी जानकारी जल्द ही जाहिर की जाएगी, ऐसा विधायक राजेश मोरे ने पत्रकार परिषद में बताया।

इस बार रासरंग का भव्य जश्न भले न हो, लेकिन नवरात्रि की परंपरा कायम रखी जाएगी। सादगी से देवी की घटस्थापना, पूजा और आराधना की जाएगी। उत्सव तो हर साल मनाए जा सकते हैं, लेकिन संकट के वक्त अपने अन्नदाता के साथ खड़े होने का मौका आए तो उसे प्राथमिकता देना ज्यादा जरूरी है। इस बार रासरंग का जश्न किनारे रखकर किसान परिवारों के चेहरे पर खुशी लाने की कोशिश की जाएगी, ऐसा सांसद डॉ. शिंदे ने कहा। महाराष्ट्र का किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। इसलिए वह संकट में हो तब उसके साथ खड़े रहना समाज के तौर पर हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी भावना से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस बार के रासरंग दांडिया उत्सव को रद्द कर किसानों की मदद करने का फैसला लिया है।

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