दीपके ने जरांगे से मुलाकात की, लक्ष्मण हाके भड़के, बच्चा और कच्चा कहा
जरांगे पाटील के उपोषण के 14वें दिन सीजेपी के अभिजीत दीपके उनसे मिलने पहुंचे, इस पर ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने कड़ी नाराजगी जताई।
मनोज जरांगे पाटील के उपोषण को आज 14 दिन पूरे हो गए हैं। लगातार भूख हड़ताल की वजह से जरांगे की तबीयत बिगड़ती जा रही है, और मराठा आरक्षण की लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इसी बीच कल अंतरवाली सराटी में मराठा बांधवों की एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें मुंबई में होने वाले आंदोलन को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है।
इसी दौरान जरांगे पाटील की तबीयत बिगड़ने के बाद सीजेपी के अभिजीत दीपके उनसे मिलने पहुंचे। लेकिन इस मुलाकात को लेकर ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके काफी नाराज हो गए। हाके ने दीपके पर तीखे शब्दों में निशाना साधते हुए उन्हें सीधी चेतावनी भी दे डाली।
मीडिया से बात करते हुए लक्ष्मण हाके ने कहा कि अभिजीत दीपके अभी बच्चे हैं, एक छोटे कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि दीपके अमेरिका से आए हैं, इसलिए महाराष्ट्र में जातिगत हकीकत और जातीय वर्चस्व की जो स्थिति है, उसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। हाके ने ताना मारते हुए कहा कि दीपके को पहले और पढ़ाई करनी चाहिए और दलित आंदोलन का अध्ययन करना चाहिए।
हाके ने यह आरोप भी लगाया कि मनोज जरांगे को समर्थन देने का मतलब जातीय वर्चस्व को समर्थन देना है। उन्होंने जरांगे की बोलने की शैली को लेकर भी दीपके से सवाल किए।
अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक और मनोज जरांगे पाटील को लेकर जो रुख अपनाया, उस पर भी हाके ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त, आईआईटी इंजीनियर और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक हैं, और दूसरी तरफ जरांगे - इन दोनों की तुलना कैसे हो सकती है।
हाके ने कहा, "अभिजीत दीपके अभी तो बच्चा है, सामाजिक न्याय के बारे में वो कच्चा है।" उन्होंने दीपके को सामाजिक मुद्दों पर और अध्ययन करने की सलाह दी।
हाके ने साफ किया कि शिक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो भूमिका है, उसे उनका समर्थन है। लेकिन झुंडशाही की भाषा बोलने वाले जरांगे पाटील के चक्कर में न पड़ने की सलाह भी उन्होंने दीपके को दी।
लक्ष्मण हाके ने सीधी चेतावनी दी कि आगे भी अगर दीपके बार-बार जरांगे के समर्थन की भूमिका लेते रहे, तो उन्हें भी नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे में जरांगे के आंदोलन की पृष्ठभूमि में मराठा-ओबीसी संघर्ष का राजनीतिक विवाद फिर से गरमाने की आशंका जताई जा रही है।