डांगोटे रिफायनरी का IPO लॉन्च, अफ्रीका की सबसे बड़ी शेयर बिक्री से अरबों डॉलर जुटाने की तैयारी
अफ्रीका के सबसे अमीर उद्योगपति अलिको डांगोटे की रिफायनरी कंपनी ने IPO शुरू किया है, जिसे अफ्रीका के इतिहास की सबसे बड़ी शेयर बिक्री बताया जा रहा है।
अफ्रीका के सबसे अमीर उद्योगपति अलिको डांगोटे ने अपनी कंपनी डांगोटे पेट्रोलियम रिफायनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का IPO शुरू कर दिया है। यह अफ्रीका के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी IPO शेयर बिक्री मानी जा रही है। कंपनी ने इस IPO के लिए ४.१ अरब शेयर बिक्री के लिए रखे हैं, और हर शेयर की कीमत ५२५ नायरा तय की गई है। इस IPO के जरिए करीब १.६ अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
डांगोटे रिफायनरी का यह IPO १४ सितंबर से शुरू हो चुका है और निवेशक १३ अक्टूबर तक इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपनी के शेयर नाइजीरिया के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे। छोटे निवेशक भी आसानी से इसमें भाग ले सकें, इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और फिनटेक के जरिए निवेश की सुविधा दी गई है।
इस IPO में कंपनी का करीब ३.३ फीसदी हिस्सा बेचा जा रहा है। हालांकि डांगोटे समूह का कंपनी में बड़ा हिस्सा बरकरार रहेगा, यानी कंपनी पर कंट्रोल डांगोटे समूह के पास ही रहने वाला है।
लागोस के पास बनी डांगोटे रिफायनरी अफ्रीका के सबसे बड़े तेल शुद्धिकरण प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस प्रोजेक्ट को खड़ा करने में करीब २० अरब डॉलर का खर्च आया। साल २०२४ में इस रिफायनरी से उत्पादन शुरू हुआ था और अभी इसकी उत्पादन क्षमता रोजाना करीब ७ लाख बैरल है।
इस रिफायनरी से नाइजीरिया को परिष्कृत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के मामले में बड़ा फायदा मिला है। देश की घरेलू ईंधन जरूरत पूरी करने के साथ-साथ कंपनी की कोशिश आगे चलकर अफ्रीका के दूसरे देशों को भी ईंधन निर्यात करने की क्षमता बढ़ाने की है।
IPO से मिलने वाले फंड का बड़ा हिस्सा रिफायनरी के विस्तार पर खर्च करने की योजना है। कंपनी का टारगेट है कि आने वाले कुछ सालों में उत्पादन क्षमता ७ लाख बैरल से बढ़ाकर १४ लाख बैरल प्रतिदिन कर दी जाए। इससे डांगोटे रिफायनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफायनरियों में शुमार हो सकती है।
इस शेयर बिक्री से आम निवेशकों को अफ्रीका के सबसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में से एक कंपनी में हिस्सेदारी लेने का मौका मिलेगा। हालांकि कंपनी का बड़ा वैल्युएशन, आगे विस्तार पर आने वाला खर्च और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेश में जोखिम भी बना रहेगा। अफ्रीका के शेयर बाजार के लिए इस IPO को एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।