चंद्रपूर: रघुवंशी कॉम्प्लेक्स आग मामले में मनपा ने 22 दुकानदारों को नोटिस थमाई
चंद्रपूर शहर महानगरपालिका ने रघुवंशी कॉम्प्लेक्स में लगी आग के बाद 22 आस्थापनाधारकों को नोटिस जारी की और एक फर्म के खिलाफ आपत्ति प्रबंधन कानून के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
चंद्रपूर शहर में रघुवंशी कॉम्प्लेक्स में रात के वक्त लगी भीषण आग को महानगरपालिका के अलग-अलग विभागों ने 30 घंटे से ज्यादा मशक्कत के बाद काबू में किया। करीब 50 दुकानों वाला यह पूरा कॉम्प्लेक्स खतरे में था, लेकिन प्रशासन की कोशिशों से आग को एक ही दुकान तक सीमित रखने में कामयाबी मिली। इस बचाव अभियान में अग्निशमन विभाग के करीब 30 अधिकारी-कर्मचारी जुटे रहे।
आग पर काबू पाने के बाद मनपा ने कॉम्प्लेक्स के 22 आस्थापनाधारकों को नोटिस बजाई है और नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा मेसर्स इंडियन मेडिकल एजन्सी के खिलाफ आपत्ति प्रबंधन कानून, 2006 के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। मनपा के मुताबिक इस मामले में दंडात्मक कार्रवाई भी नियमानुसार की जा रही है, और जरूरी कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
बचाव कार्य में अग्निशमन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने डटकर और लगातार काम किया। राहुल पंचबुद्धे और चिवंडे ने जोखिम भरे हालात में मौके पर डटकर उल्लेखनीय काम किया। अतिक्रमण विभाग के मनीष शुक्ला और उनकी टीम मौके पर हालात संभालने में जुटी रही। यांत्रिकी विभाग के चेतन्य चौरे ने अग्निशमन गाड़ियों के लिए पानी की लगातार सप्लाई सुनिश्चित की। बिजली विभाग की प्रगती भुरे ने रात के बचाव अभियान के लिए हैलोजन लाइट्स का इंतजाम किया। आग बुझने के बाद सफाई विभाग के गर्गेलवार और उनकी टीम ने जला हुआ कचरा और सामान फौरन हटाया।
भंडारपाल विभाग के अहेमद सिद्धिकी ने बचाव कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के लिए खाना, नाश्ता और जरूरी इंतजाम मुहैया कराए। वहीं DDMO सलीम शेख भी मौके पर मौजूद रहकर बचाव कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग देते रहे।
मनपा आयुक्त अकुनूरी नरेश के मार्गदर्शन में सभी विभाग प्रमुखों और अधिकारी-कर्मचारियों ने आपसी तालमेल से मिलकर काम किया, जिसकी वजह से एक बड़ा हादसा टलने में अहम भूमिका निभाई गई।