चंद्रपुर में जमीन के पुराने विवाद निपटाने तीन चरणों में लोक अदालत, कलेक्टर ने की अपील
चंद्रपुर जिले में सालों से लटके राजस्व मामलों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए तीन तारीखों पर लोक अदालत लगेगी।
चंद्रपुर जिले में बरसों से पेंडिंग पड़े राजस्व और अर्धन्यायिक मामलों को निपटाने के लिए एक खास मुहिम शुरू हो रही है। 'महात्मा ज्योतिराव फुले महसूल लोक अदालत' के तहत यह विवाद आपसी सहमति से सुलझाए जाएंगे।
यह मुहिम पूरे राज्य में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के आइडिया से चलाई जा रही है, ताकि सालों से अटके मामले पक्षकारों की आपसी तडजोड और सहमति से जल्द निपट सकें। इसी कड़ी में चंद्रपुर जिले में कलेक्टर वसुमना पंत की देखरेख में यह लोक अदालत लगाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी, सभी उपविभागीय अधिकारी, सभी तहसीलदार, अपर तहसीलदार और मंडल स्तर पर सुनवाई होगी।
जिले में यह लोक अदालत तीन तारीखों पर आयोजित होगी - 7 अक्टूबर, 4 दिसंबर 2026 और 17 फरवरी 2027। कलेक्टर पंत के मार्गदर्शन में अपर जिलाधिकारी दफ्तर, चंद्रपुर के अंडर आने वाले चंद्रपुर, बल्लारपुर, मूल, सावली, गोंडपिपरी, पोंभुर्णा, वरोरा, भद्रावती, कोरपना, राजुरा और जीवती तहसीलों में सुनवाई होगी। वहीं अपर जिलाधिकारी दफ्तर, चिमूर के अंडर चिमूर, नागभीड, ब्रम्हपुरी और सिंदेवाही में भी लोक अदालत लगेगी।
इसके अलावा चंद्रपुर, मूल, बल्लारपुर, गोंडपिपरी, वरोरा, चिमूर, ब्रम्हपुरी और राजुरा के उपविभागीय अधिकारी दफ्तरों के स्तर पर, जिले के सभी तहसीलदार और अपर तहसीलदार दफ्तरों (कोठारी, तळोदी और भिसी) में तथा मंडल स्तर पर भी महसूल लोक अदालत का आयोजन किया गया है।
प्रोसेस कुछ इस तरह रहेगी - सुनवाई के वक्त तडजोड योजना के तहत आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। लोक अदालत वाले दिन दोनों पक्षों की सहमति से पेंडिंग दावों पर फाइनल ऑर्डर पास करके मामला हमेशा के लिए निपटा दिया जाएगा। इस मुहिम में पेंडिंग मामलों की सुनवाई एक ही दिन में होगी।
कलेक्टर वसुमना पंत ने अपील की है कि जिन नागरिकों के राजस्व से जुड़े मामले सालों से लटके हैं, वे अपने वकीलों के जरिए इन मामलों को इस महसूल लोक अदालत में रखें। उन्होंने वकीलों से भी पहल करने को कहा है कि आपसी तडजोड वाले मामले इस लोक अदालत के जरिए निपटाएं, जिससे पक्षकारों का वक्त और पैसा दोनों बचेगा और मामला निपटने की संतुष्टि भी उन्हें मिलेगी।