बुलढाणा में अंतरजातीय विवाह योजना का अनुदान अटका, 95 जोड़ों का इंतजार जारी
बुलढाणा जिले में अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत गतवर्ष के 30 और इस साल के 65 यानी कुल 95 आवेदन अभी भी अनुदान के इंतजार में अटके हैं।
राज्य सरकार की तरफ से अस्पृश्यता निवारण कार्यक्रम के तहत अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इस योजना का मकसद समाज में सामाजिक सलोखा बढ़ाना और अंतरजातीय शादी करने वाले जोड़ों को आर्थिक मदद देना है। लेकिन बुलढाणा जिले में इस योजना के तहत अर्जी लगाने वाले जोड़ों को अभी तक अनुदान नहीं मिल पाया है।
जिले में पिछले साल भर के दौरान 65 अंतरजातीय जोड़ों ने योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए आवेदन दिया था। इसके अलावा उससे पहले के साल के 30 जोड़ों के आवेदन भी अभी तक पेंडिंग हैं। इस तरह अनुदान के इंतजार में बैठे लाभार्थियों की कुल संख्या 95 तक पहुंच गई है। सरकार की इस योजना से अंतरजातीय शादी करने वाले जोड़ों को आर्थिक मदद मिलती है, जो शादी के बाद के शुरुआती दौर में काफी अहम साबित होती है। मगर आवेदन देने के बावजूद अनुदान मिलने में देरी हो रही है।
योजना का फायदा लेने के लिए जोड़ों को विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, रहिवासी दाखला, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ज्वाइंट बैंक अकाउंट की जेरॉक्स कॉपी जमा करनी पड़ती है।
शादी करने वाले इन जोड़ों को शुरुआती दौर में सरकार की तरफ से जो 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, वह उनके लिए बेहद जरूरी होती है।
संबंधित विभाग को सरकार से 30 लाख रुपये का फंड मिल चुका है। विभाग की तरफ से बताया गया कि पेंडिंग पड़े योग्य लाभार्थियों को जल्द ही इस फंड का वितरण किया जाएगा।
जिला परिषद बुलढाणा के प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी प्रमोद एंडोले ने बताया कि सरकार से 30 लाख रुपये का फंड मिला है, लेकिन जरूरत ज्यादा फंड की है, इसलिए और फंड की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगले महीने फंड मिलने के बाद गतवर्ष के 30 और इस साल के 65 जोड़ों को फंड का वितरण किया जाएगा।