कुंभारी में स्वामी परिवार ने घर पर बनाया अष्टविनायक का आकर्षक देखावा
दक्षिण सोलापुर तालुका के कुंभारी गांव में गौरी-गणपती उत्सव के मौके पर स्वामी परिवार ने बीस दिन की मेहनत से अष्टविनायक गणपती का देखावा तैयार किया, जिसे देखने के लिए भाविकों की भीड़ उमड़ रही है।
गौरी-गणपती उत्सव के पावन मौके पर दक्षिण सोलापुर तालुका के कुंभारी गांव में धार्मिक श्रद्धा और कला का एक खूबसूरत संगम देखने को मिल रहा है। पूर्व ग्रामपंचायत सदस्या पार्वती शिवानंद स्वामी के घर पर इस बार श्री अष्टविनायक गणपती का आकर्षक और मनमोहक देखावा तैयार किया गया है।
यह देखावा गांव के साथ-साथ आसपास की पंचक्रोशी के गणेशभक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में भाविक यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, और स्वामी परिवार की इस रचनात्मक कोशिश की हर तरफ तारीफ हो रही है।
स्वामी परिवार की तरफ से हर साल गौरी-गणपती उत्सव के मौके पर धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित देखावे पेश करने की परंपरा निभाई जाती रही है। इस बार महाराष्ट्र के आराध्य देवता माने जाने वाले अष्टविनायक की संकल्पना चुनी गई है। गणपती के अलग-अलग रूपों का दर्शन एक ही जगह पर कराया गया है, और देखावे की कलात्मक बनावट, आकर्षक रोशनी की व्यवस्था, सुंदर सजावट और हर मूर्ति की बारीकी से की गई सजावट भाविकों का ध्यान खींच रही है।
यह देखावा तैयार करने के लिए स्वामी परिवार के सदस्यों ने पूरे बीस दिन मेहनत की। मनोज स्वामी, विनायक स्वामी, विश्वेश स्वामी, पूजा स्वामी, श्रीयांश स्वामी सहित परिवार के सभी सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से सजावट और देखावे की तैयारी की। घर के माहौल में तैयार हुआ यह देखावा धार्मिक भावना के साथ-साथ कला का भी बेहतरीन नमूना बन गया है।
गणेशोत्सव के मौके पर इस पहल के जरिए धार्मिक संस्कार, पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक एकता का संदेश दिया जा रहा है। यही वजह है कि गांव के लोगों के साथ-साथ पंचक्रोशी के भाविक भी बड़ी तादाद में यह देखावा देखने पहुंच रहे हैं।
भाजपा नेता बिपीन करजोळे ने भी स्वामी परिवार के घर जाकर अष्टविनायक देखावे का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्वामी परिवार की रचनात्मकता की तारीफ की। धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक संरक्षण और कलात्मक प्रस्तुति का यह खूबसूरत मेल कुंभारी इलाके में इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
अष्टविनायक के अलग-अलग रूपों की आकर्षक सजावट, सजावट और रोशनी की व्यवस्था की वजह से यह देखावा भाविकों के लिए खास बन गया है। एक ही जगह पर अष्टविनायक का दर्शन मिल जाने से पंचक्रोशी के गणेशभक्तों की तरफ से इस पहल को जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है।