गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
00:08 IST

बुलढाणा: लेक लाडकी योजना से 12 हजार से ज्यादा परिवारों को फायदा, बेटियों की पढ़ाई को सहारा

बुलढाणा जिले में लेक लाडकी योजना के तहत 14,620 परिवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से करीब 12,300 परिवारों को अब तक स्कीम का फायदा मिल चुका है।

बुलढाणा: लेक लाडकी योजना से 12 हजार से ज्यादा परिवारों को फायदा, बेटियों की पढ़ाई को सहारा
AI-generated representative image; not a photograph of the event | PT24

बुलढाणा जिले में बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने और उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा आगे चलकर आर्थिक मजबूती के लिए सरकार ने जो लेक लाडकी योजना शुरू की थी, वह अब यहां हजारों परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन गई है। जिले में इस योजना के तहत 14 हजार 620 परिवारों ने लाभ के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से करीब 12 हजार 300 परिवारों को अब तक योजना का फायदा मिल चुका है। इससे बेटियों की परवरिश के साथ-साथ उनकी पढ़ाई के लिए भी आर्थिक मदद मिल रही है।

लेक लाडकी योजना का मकसद समाज में बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच पैदा करना और उनकी शिक्षा, परवरिश तथा आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को इस योजना के जरिए अलग-अलग स्टेज पर आर्थिक सहायता दी जाती है। जिले में जब इस योजना को लेकर जागरूकता फैलाई गई, तो बड़ी संख्या में परिवारों ने अपनी बेटियों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराया। अभी तक जितने आवेदन आए हैं, उनमें से 12,300 परिवारों को सीधा फायदा मिल चुका है, जबकि बाकी बचे आवेदनों की प्रोसेसिंग अलग-अलग वजहों से चल रही है। जरूरी कागजात पूरे होने के बाद बाकी पात्र लाभार्थियों को भी स्कीम का फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

इस योजना से बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक आर्थिक मदद का हाथ मिलता है, जिससे कई परिवारों को राहत मिली है। खासकर गांव-देहात और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना बड़े काम की साबित हो रही है। सरकार ने यह स्कीम इसी सोच के साथ शुरू की थी कि बेटियों की पढ़ाई में पैसों की दिक्कत न आए और उनका भविष्य ज्यादा मजबूत बन सके। इसके जरिए बेटा-बेटी के बीच का फर्क कम करके बेटियों को बराबर मौका देने, उनकी पढ़ाई पूरी कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है।

इसके अलावा, तालुका स्तर से महिला व बाल विकास कार्यालय को मिले 2245 आवेदनों को मंजूरी देकर आयुक्त कार्यालय को ऑनलाइन भेज दिया गया है, ऐसा प्रशासन की तरफ से बताया गया है।

योजना का फायदा लेने के लिए पीला या केसरिया राशन कार्ड, परिवार का सालाना इनकम सर्टिफिकेट, महाराष्ट्र राज्य आदिवासी होने का सबूत जरूरी है। साथ ही लाभार्थी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, बेटी का आधार कार्ड और मां का आधार कार्ड भी चाहिए। लाभार्थी और मां के जॉइंट बैंक अकाउंट की पासबुक की फोटोकॉपी देनी होती है। अगर लाभार्थी की मां जिंदा नहीं है, तो मौत का सर्टिफिकेट और पिता का आधार कार्ड लगेगा, और ऐसे में लाभार्थी व पिता का जॉइंट बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना जरूरी है।

बुलढाणा के महिला व बाल विकास अधिकारी प्रमोद एंडोले ने बताया कि लेक लाडकी योजना के लिए जो परिवार पात्र हैं, वे आंगनवाड़ी सेविका से संपर्क करके रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे