गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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01:37 IST

बिना हाथ लगाए चलेगा स्क्रीन, आंखों के इशारे पर काम करेगा मेटा का नया VR चश्मा

मेटा के प्रोजेक्ट फिनिक्स का डिजाइन HorizonOS की फाइलों से लीक हुआ, आम चश्मे जैसा दिखने वाला यह डिवाइस 110 ग्राम से हल्का हो सकता है

बिना हाथ लगाए चलेगा स्क्रीन, आंखों के इशारे पर काम करेगा मेटा का नया VR चश्मा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मेटा कंपनी का एक नया डिवाइस बाजार में आने से पहले ही लीक हो गया है, और टेक की दुनिया में इसी की चर्चा चल रही है। कंपनी के 'प्रोजेक्ट फिनिक्स' नाम के नए मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट की फोटो और डिजाइन गलती से सामने आ गया। दरअसल मेटा ने HorizonOS के प्रिस्क्रिप्शन लेंस सॉफ्टवेयर का अपडेट डाला था, और उसी की फाइलों में इस नए चश्मे का एनिमेशन और डिजाइन छिपा हुआ था। अब हर कोई इस फोटो की बात कर रहा है।

अभी तक जो लोग मेटा Quest 3 या Apple Vision Pro जैसे हेडसेट देख चुके हैं, वो जानते हैं कि ये सिर पर लगाते ही काफी भारी लगते हैं, साइज में भी बड़े होते हैं, और घंटेभर पहनने पर सिर दर्द होने लगता है। लेकिन फिनिक्स इनसे बिल्कुल अलग है। लीक हुई फोटो में यह हेडसेट रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले आम चश्मे जैसा दिख रहा है, बहुत स्लिम और पतला। चेहरे पर मोटी फोम की पट्टी नहीं होगी, बल्कि नाक पर टिकने वाले छोटे नोज पैड होंगे, जिससे दिनभर पहनने पर भी परेशानी नहीं होगी। बताया जा रहा है कि इसका वजन 110 ग्राम से भी कम रहेगा।

सवाल है कि हेडसेट को इतना हल्का बनाया कैसे गया। इसके लिए मेटा ने एक शानदार तरकीब निकाली है। बैटरी और प्रोसेसर हेडसेट के अंदर नहीं दिए गए हैं, बल्कि इसके लिए एक अलग छोटा बॉक्स दिया गया है जिसे Compute Puck कहा जाता है। यह पैक एक वायर से चश्मे से जुड़ा रहेगा और इसे जेब में रखा जा सकता है या बेल्ट पर लगाया जा सकता है। इस तरह सिर पर सिर्फ चश्मा रहेगा और पूरा वजन जेब में चला जाएगा। इस पैक में क्वालकॉम की नई Snapdragon Reality Elite चिप लगाई जाएगी, जो काफी पावरफुल बताई जा रही है।

इस लीक की सबसे खास बात उन लोगों के लिए है जिनकी आंखों में नंबर है। अभी तक VR हेडसेट में चश्मा लगाकर देखना काफी मुश्किल काम रहा है। लेकिन फिनिक्स में अपने नंबर के हिसाब से अलग लेंस लगाए जा सकेंगे। फर्मवेयर के वीडियो में दिखाया गया है कि मोबाइल से QR कोड स्कैन करके लेंस की सेटिंग की जा सकती है। इसमें कोई रिमोट नहीं है। चश्मे के दोनों तरफ और नीचे छोटे सेंसर और कैमरे लगे हैं। सिर्फ हाथ के इशारे से या आंखों से देखकर ही स्क्रीन कंट्रोल हो जाएगी, यानी हाथ में कुछ भी पकड़ने की जरूरत नहीं होगी।

मेटा हर साल Meta Connect नाम से एक बड़ी कॉन्फ्रेंस करती है, जो इस बार 24-25 सितंबर को होने वाली है। इस कॉन्फ्रेंस में कंपनी फिनिक्स की पहली झलक दिखा सकती है, लेकिन यह चश्मा बाजार में बिकने के लिए आने में अभी वक्त लगेगा। खबर के मुताबिक यह डिवाइस असल में 2027 तक बाजार में आएगा। गूगल और Xreal जैसी कंपनियां भी इसी तरह के हल्के चश्मे बना रही हैं, और उन्हें टक्कर देने के लिए मेटा का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। अगर यह 110 ग्राम का चश्मा वाकई आता है तो VR और AR की दुनिया पूरी तरह बदल जाएगी।

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