बीड में बिंदुसरा नदी में तीन महीने की बच्ची का शव मिला, पुल से फेंके जाने की आशंका
बीड शहर में बिंदुसरा नदी में मछली पकड़ने गए लोगों को तीन-चार महीने की बच्ची का शव मिला, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है
बीड शहर के खासबाग इलाके से होकर बहने वाली बिंदुसरा नदी में बुधवार दोपहर एक तीन से चार महीने की बच्ची का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस का प्राथमिक अंदाजा है कि बच्ची को तीन-चार दिन पहले ही नदी में फेंका गया होगा। मामले की जांच अब पुलिस ने शुरू कर दी है।
शव सबसे पहले उन लोगों को दिखा जो नदी में मछली पकड़ने गए थे। शव की हालत देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। लोगों का कहना है कि शव के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान थे। यह खबर फैलते ही इलाके में लोगों में गम और गुस्सा दोनों देखने को मिला।
सूचना मिलते ही शहर पुलिस स्टेशन के एपीआई राठोड अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कर शव को कब्जे में लिया और उसे जिला अस्पताल की पोस्टमार्टम हाउस में भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि बच्ची ने गुलाबी रंग का फ्रॉक पहना हुआ था और उसके हाथों में काले-पीले मोतियों की मनगट्टी बंधी थी। इन्हीं कपड़ों और गहनों के आधार पर पुलिस अब बच्ची की पहचान करने की कोशिश में जुटी है।
पुलिस के सामने अभी एक बड़ा सवाल यह भी है कि बच्ची को बिंदुसरा नदी के पुल से नदी में फेंका गया या किसी ने खुद नीचे उतरकर उसे वहां रखा। इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है, ताकि किसी संदिग्ध शख्स या गाड़ी के बारे में कोई सुराग मिल सके। अभी तक किसी को गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने की खबर नहीं है।
इतनी छोटी बच्ची का शव नदी में मिलने से बीड शहर में लोगों में गहरा दुख और गुस्सा है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' जैसी मुहिम के जरिए बेटियों की सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है, फिर भी ऐसी घटनाएं सामने आने पर लोगों ने चिंता जताई है। अब पुलिस के सामने चुनौती यह है कि इस मामले की तह तक जाकर बच्ची को नदी में डालने वाले आरोपी या आरोपियों तक पहुंचा जाए।