बीड: दसवीं में बहन को 99.99 फीसदी मार्क्स, फीस की टेंशन में भाई ने खत्म की जिंदगी
बीड जिले के केज तालुका के बोबडेवाडी गांव में एक 16 साल के लड़के ने पढ़ाई के खर्च की चिंता में जान दे दी, ठीक उसी वक्त जब उसकी बहन ने दसवीं बोर्ड में शानदार नतीजा हासिल किया था।
बीड जिले के केज तालुका के बोबडेवाडी गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। दसवीं क्लास में पढ़ने वाले 16 साल के एक लड़के ने गरीबी और आगे की पढ़ाई के खर्च की टेंशन में घर में ही फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मरने वाले लड़के का नाम आकाश नितीन बोबडे है। जिस वक्त परिवार अपनी बेटी की कामयाबी का जश्न मना रहा था, ठीक उसी दौरान इस हादसे ने पूरे केज इलाके को गम में डुबो दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, आकाश की बहन कु. सृष्टी बोबडे ने मार्च 2026 में दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 99.99 फीसदी नंबर हासिल किए थे। यह बहुत बड़ी कामयाबी थी और घर में खुशी का माहौल भी था। लेकिन इसी के साथ परिवार के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया कि आगे की पढ़ाई का इतना खर्च कैसे उठाया जाए।
आकाश के पिता बहुत मुश्किल हालात में रिक्शा चलाकर घर चलाते हैं। बोबडे परिवार के पास सिर्फ एक एकड़ जमीन है। रिजर्वेशन का फायदा न मिलने और आर्थिक हालत बहुत खराब होने की वजह से दोनों बच्चों की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाना परिवार के लिए नामुमकिन सा हो रहा था। घर में लगातार पैसों की तंगी बनी हुई थी।
दोनों बच्चों की आगे की पढ़ाई और फीस भरने के लिए घर में उस एक एकड़ जमीन को बेचने की बात चल रही थी। यह बातचीत और परिवार की परेशानी देखकर 16 साल का आकाश बहुत मानसिक तनाव में आ गया था। उसे लगने लगा था कि उसकी पढ़ाई की वजह से ही उसके पिता और परिवार को जमीन बेचने की नौबत आ रही है। इसी सोच से टूटकर आकाश ने घर में ही फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
एक तरफ होनहार बहन का उच्च शिक्षा की तरफ बढ़ता कदम, और दूसरी तरफ गरीबी की वजह से महज 16 साल के भाई का यह आखिरी कदम, इस वजह से बोबडेवाडी समेत पूरे बीड जिले में मातम का माहौल है।
इस मामले में आकाश के चाचा दौलत बोबडे की शिकायत पर केज पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत का केस दर्ज किया गया है। केज के उपजिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करने के बाद 22 सितंबर को आकाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।