मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:12 IST

भुरु शेख पर हमले का फरार आरोपी बाबा टाइगर शेगांव स्टेशन पर पकड़ा गया

क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने भेष बदलकर जाल बिछाया और शेख मोहसिन उर्फ बाबा टाइगर को शेगांव रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया।

भुरु शेख पर हमले का फरार आरोपी बाबा टाइगर शेगांव स्टेशन पर पकड़ा गया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर के चर्चित गैंगस्टर शेख अकरम उर्फ भुरु शेख रहमान (42) पर जानलेवा हमले के बाद से फरार चल रहे शेख मोहसिन उर्फ बाबा टाइगर शेख मूसा को पुलिस ने आखिरकार पकड़ लिया। भुरु आनंदनगर, सीताबर्डी का रहने वाला है। क्राइम ब्रांच यूनिट 2 की टीम ने फिल्मी स्टाइल में पीछा करके बाबा को शेगांव रेलवे स्टेशन पर दबोचा। देर रात पुलिस उसे लेकर नागपुर पहुंची।

इस मामले में पुलिस इससे पहले पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी। इनमें बुरडगल्ली, तेलीपुरा के रहने वाले शेख शरीफ शेख सलीम (36), ताजनगर, मानकापुर के शहबाज खान उर्फ सलमान बिल्ला खान (25), झिंगाबाई टाकली के आमिर बशीर शेख (35), मोहम्मद साहिल अलताफ अंसारी (28) और मोहम्मद तौफीक शेख मोहम्मद आरिफ (28) शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक भुरु पत्नी से अनबन के चलते अलग रह रहा था। आरोप है कि शरीफ को खबर मिली कि भुरु सोमलवाड़ा चौक के होटल मेमोरीज में रुका है और रात में वहां अकेला ही जाता है। इसके बाद शरीफ ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर भुरु को निपटाने की योजना बनाई। आरोप है कि 11 अगस्त की रात करीब 11.30 बजे होटल के ठीक सामने एसयूवी गाड़ी क्रमांक MH.40-CH.4777 से भुरु को टक्कर मारी गई और हमलावर भाग निकले।

होटल के कर्मचारियों ने फौरन पुलिस और भुरु के परिजनों को खबर दी। तब से भुरु का इलाज चल रहा है। शरीफ ने हमले की शिकायत पुलिस में नहीं की थी। भुरु गुट ने भी शिकायत नहीं की और बदला लेने की तैयारी में था, लेकिन क्राइम ब्रांच को इसकी भनक लग गई।

इसके बाद सोनेगांव थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने संगठित रूप से कई अपराध किए थे, इसलिए उनके खिलाफ मोका के तहत भी मामला दर्ज हुआ। पर बाबा टाइगर तब तक फरार था।

फरार होने के बाद बाबा अलग-अलग शहरों में घूमता रहा। पहले जानकारी मिली थी कि वह नागपुर जिले के खापरखेड़ा ग्रामीण में छिपा है, पर वह हाथ नहीं आया। पुलिस दो बार उसकी तलाश में अकोला भी गई। इस बार पक्की खबर थी कि बाबा अजमेर शरीफ में है, मगर पुलिस के रवाना होने से पहले ही वह नागपुर के लिए निकल पड़ा।

आरपीएफ को भी इसकी सूचना दी गई थी और पूरी ट्रेन खंगाली गई, लेकिन बाबा नहीं मिला। तब पुलिस ने भेष बदलकर शेगांव स्टेशन पर ही जाल बिछा दिया। महिलाओं की जनरल बोगी की जांच के दौरान बाबा प्लेटफॉर्म पर दिख गया। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, पर पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर उसे पकड़ लिया।

कार्रवाई में इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख, एपीआई चेतन बोरखेडे, पीएसआई मनोज राऊत, हेड कांस्टेबल नरेश तुमडाम, विजय यादव, अर्जुन यादव, कमलेश मणेर, मनीष टोंगे, मंगल जाधव, आशीष चंदरे, संदीप पांडे, विवेक श्रीपाद और प्रवीण चव्हाण शामिल थे।

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