भूमिका अभिनय और लोकनृत्य में अव्वल आए संघ अब नागपुर संभाग में गोंदिया की नुमाइंदगी करेंगे
जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान (डायट), गोंदिया में जिलास्तरीय भूमिका अभिनय व लोकनृत्य स्पर्धा उत्साह के साथ संपन्न हुई।
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केंद्र सरकार के लोकसंख्या शिक्षण कार्यक्रम के तहत राज्य शैक्षणिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद, महाराष्ट्र, पुणे के मार्गदर्शन और निर्देशों पर 9 सितंबर को गोंदिया में जिलास्तरीय भूमिका अभिनय व लोकनृत्य स्पर्धा हुई। यह प्रतियोगिता जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट, गोंदिया के सभागार में आयोजित की गई थी और पूरे कार्यक्रम में उत्साह भरा माहौल रहा। जिले के आठों तालुकाओं से तालुकास्तर पर पहला नंबर हासिल करने वाले संघ इन दोनों स्पर्धाओं में शामिल हुए थे।
डायट के प्राचार्य राजकुमार हिवारे ने बताया कि भूमिका अभिनय और लोकनृत्य, दोनों वर्गों में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर पहला स्थान पाने वाले संघ अब नागपुर विभागस्तर पर गोंदिया जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
पूरी स्पर्धा का आयोजन प्राचार्य राजकुमार हिवारे की देखरेख में हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ अधिव्याख्याता और लोकसंख्या शिक्षण विभाग प्रमुख डॉ. नरेश वैद्य ने की। इस मौके पर विषय सहायक सुनील हरिणखेडे, संदीप सोमवंशी, सहविभाग प्रमुख व साधन व्यक्ति उर्मिला वैद्य और अनिता ठेंगडी भी मौजूद रहीं। प्रतियोगिता का मूल्यांकन अध्यापक विद्यालय, गोंदिया की अध्यापिकाओं श्रद्धा निनावे और टीना ठाकरे ने किया। कार्यक्रम का संचालन विषय साधन व्यक्ति वशिष्ठ खोब्रागडे ने बखूबी किया, जबकि आभार विशेष शिक्षक प्रमोद खोब्रागडे ने जताया।
भूमिका अभिनय स्पर्धा में पहला स्थान जिला परिषद हायस्कूल, करटी बुद्रुक, तालुका तिरोडा को मिला। दूसरे स्थान पर पी. एम. श्री शहीद जान्या तिम्या जिला परिषद हायस्कूल, गोरेगाव, तालुका गोरेगाव रहा, वहीं तीसरा स्थान जिला परिषद हायस्कूल, सौंदड, तालुका सडक अर्जुनी ने हासिल किया।
लोकनृत्य स्पर्धा में अनुसूचित जाति व नवबौद्ध बालकों की शासकीय निवासी शाला, नंगपुरा/मुर्री, तालुका गोंदिया पहले नंबर पर रही। दूसरा स्थान अनुसूचित जाति व नवबौद्ध बालिकाओं की शासकीय निवासी शाला, डव्वा, तालुका सडक अर्जुनी को मिला, जबकि तीसरा स्थान अनुसूचित जाति व नवबौद्ध बालिकाओं की शासकीय निवासी शाला, सरांडी, तालुका तिरोडा के हिस्से आया।
स्पर्धा के दौरान बच्चों ने भूमिका अभिनय के जरिए अलग-अलग सामाजिक और शैक्षणिक विषयों पर असरदार अंदाज में अपनी बात रखी, तो लोकनृत्य के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला और संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की। बच्चों के जोशीले प्रदर्शन से पूरे सभागार में उत्साह का माहौल बन गया। मौजूद अतिथियों ने विजेता सभी संघों को बधाई दी और नागपुर विभागस्तरीय स्पर्धा में जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले दोनों पहले नंबर के संघों को शुभकामनाएं दीं।