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15:30 IST

भारतीय मूल के दंपती ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी को दिए 190 करोड़, बनेगा नया AI कॉलेज

भारतीय मूल के इंजीनियर दंपती अनुराधा और विकास सिन्हा ने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को 2 करोड़ डॉलर का दान दिया, जिससे नया AI कॉलेज बनेगा।

भारतीय मूल के दंपती ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी को दिए 190 करोड़, बनेगा नया AI कॉलेज
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अमेरिका में भारतीय मूल के एक इंजीनियर दंपती ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शिक्षा के लिए दान कर दिया है। अनुराधा और विकास सिन्हा नाम के इस दंपती ने 'यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास' (UNT) को 2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 190 करोड़ रुपये (20 मिलियन डॉलर) का दान दिया है। यह अब तक शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में किसी भी भारतीय प्रवासी की ओर से दिया गया सबसे बड़ा योगदान बताया जा रहा है।

इस बड़ी रकम से यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड एनालिटिक्स को समर्पित एक नया कॉलेज बनाया जाएगा। विकास सिन्हा ने खुद 2023 में UNT से ही अपनी पीएचडी पूरी की थी। इसी योगदान को सम्मान देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नई संस्था का नाम 'अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स' रखने का फैसला किया है।

दोनों की स्कूली पढ़ाई भारत में हुई थी। दोनों ने आंध्र प्रदेश की श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए दोनों अमेरिका गए और फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया। विकास सिन्हा ने पढ़ाई जारी रखते हुए नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से और फिर 2023 में UNT से पीएचडी की डिग्री हासिल की। फिलहाल विकास सिन्हा टेक कंपनी ब्रॉडकॉम (Broadcom) के मेनफ्रेम सॉफ्टवेयर डिवीजन में वाइस प्रेसिडेंट हैं।

इस दान पर बोलते हुए विकास सिन्हा ने कहा कि शिक्षा ने ही उनकी जिंदगी में कामयाबी के रास्ते खोले थे और अब वे चाहते हैं कि बाकी स्टूडेंट्स को भी ऐसे मौके मिलें। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह गिफ्ट सिर्फ एक दान नहीं है, बल्कि इस बात का सबूत है कि प्रवासी लोग अमेरिका आकर सिर्फ 'अमेरिकन ड्रीम' जीते ही नहीं, बल्कि उस सपने को गढ़ने और आगे बढ़ाने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

नया AI कॉलेज मुख्य रूप से दो डिवीजन के तहत काम करेगा। पहली डिवीजन 'डिवीजन ऑफ अप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इन्फॉर्मेटिक्स' होगी, जो स्मार्ट और इंटेलिजेंट सिस्टम को असल दुनिया में लागू करने पर फोकस करेगी। दूसरी डिवीजन 'डिवीजन ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड लर्निंग एप्लिकेशंस' होगी, जो यह समझेगी कि इंसान, समाज और संस्थाएं AI तकनीक का इस्तेमाल कैसे करती हैं। इसका मकसद स्टूडेंट्स को सिर्फ AI का यूजर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें AI बनाने, समझने, उस पर सवाल उठाने और जिम्मेदारी से उसे कंट्रोल करने लायक बनाना है।

सिन्हा दंपती के इस 190 करोड़ रुपये के योगदान से 6 स्थायी एंडोमेंट फंड बनाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल होनहार स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप, प्रोफेसरशिप, एडवांस्ड रिसर्च और टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन के लिए किया जाएगा। साथ ही कैंपस में 'अप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट' भी बनाया जाएगा, जो यूनिवर्सिटी के रिसर्च को सीधे ग्लोबल टेक इंडस्ट्री से जोड़ेगा।

सिन्हा दंपती और UNT का यह रिश्ता नया नहीं है। इससे पहले 2024 में दोनों ने 'अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ डेटा साइंस' शुरू करने के लिए बड़ी रकम दी थी। इसके बाद 2025 में उन्होंने 'सिन्हा इनोवेशन लैब फॉर डेटा साइंस' की स्थापना की। अब 2026 में दिया गया यह 20 मिलियन डॉलर का दान शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में किसी भी भारतीय प्रवासी की ओर से अब तक का सबसे बड़ा योगदान बन गया है।

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