भारत में App Store से हटा बिटचैट, आईटी मंत्रालय के निर्देश पर एप्पल का कदम
एप्पल ने जैक डोर्सी के मैसेजिंग ऐप बिटचैट को भारत के App Store से हटा दिया है। कंपनी के मुताबिक यह भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर हुआ।
ट्विटर के को-फाउंडर जैक डोर्सी का मैसेजिंग ऐप बिटचैट एक बार फिर चर्चा में है। वजह यह है कि टेक कंपनी एप्पल ने इस ऐप को भारत के App Store से हटाने का फैसला किया है। यह कदम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक उठाया गया है।
जैक डोर्सी ने 3 अक्टूबर को अपने एक्स अकाउंट पर एप्पल की तरफ से आए एक मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें एप्पल की ऐप रिव्यू टीम ने बताया कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मांग पर बिटचैट को भारत के App Store से हटाने का फैसला लिया गया है।
एप्पल के कहने के मुताबिक सरकार ने भारत में गैरकानूनी माने जाने वाले कंटेंट का हवाला देते हुए निर्देश दिया था कि यह ऐप देश में उपलब्ध न रखा जाए। एप्पल का यह भी कहना है कि मंत्रालय ने आईटी एक्ट के सेक्शन 69 ए के तहत बिटचैट को भारत के App Store से हटाने को कहा।
एप्पल ने साफ किया है कि बिटचैट दूसरे देशों में उपलब्ध रहेगा। लेकिन भारत के App Store से यह ऐप अब हट चुका है। भारत में इसका टेस्टफ्लाइट वर्जन भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। टेस्टफ्लाइट का इस्तेमाल किसी ऐप के बीटा वर्जन को टेस्ट करने के लिए होता है।
बिटचैट आम मैसेजिंग ऐप से काफी अलग तरीके से काम करता है। इसे चलाने के लिए इंटरनेट कनेक्शन या किसी सेंट्रल सर्वर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। यह ऐप ब्लूटूथ पर आधारित मेश नेटवर्किंग का इस्तेमाल करता है। इसके जरिए आसपास के डिवाइस आपस में कनेक्ट हो जाते हैं और मैसेज आगे भेज सकते हैं। डोर्सी ने इसे इंटरनेट के बिना मैसेज भेजने की सुविधा के साथ लॉन्च किया था, और कुछ समय पहले यह ऐप काफी चर्चा में रहा था।
जुलाई महीने में जंतर मंतर पर सीजेपी का आंदोलन हुआ था। उस वक्त इंटरनेट बंद था, फिर भी आंदोलन करने वालों ने बिटचैट की मदद से आपस में संपर्क बनाए रखा। इसी वजह से यह ऐप पहले भी सरकार की निगरानी में आया था, लेकिन बाद में दोबारा उपलब्ध हो गया था।
अब 2 अक्टूबर को जंतर मंतर इलाके में 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में 12 घंटे इंटरनेट बंद रखा गया। इसके बाद दिल्ली और मुंबई में सीजेपी की तरफ से प्रदर्शन हुए। इन घटनाओं के बाद एप्पल ने भारतीय App Store से बिटचैट हटाने का फैसला किया है।