बजाज पल्सर 125 और 150 में बड़े बदलाव, कंपनी को बाजार हिस्सेदारी वापस पाने की उम्मीद
125cc-150cc सेगमेंट में बिक्री गिरने के बीच बजाज पल्सर 125 और 150 में बड़े अपडेट लाने की तैयारी में है, जबकि निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
भारतीय मोटरसाइकिल मार्केट में करीब 25 साल पूरे कर चुके बजाज पल्सर ब्रांड के सामने अभी कड़ी टक्कर का दौर है। देश के अंदर बिक्री पर दबाव बना हुआ है, लेकिन विदेशों में निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए बजाज ऑटो अपनी लोकप्रिय पल्सर 125 और पल्सर 150 को नए अवतार में उतारने की तैयारी कर रही है। दोनों बाइक्स का पहचाना हुआ क्लासिक लुक तो वैसा ही रहेगा, लेकिन प्लेटफॉर्म और मैकेनिकल पार्ट्स में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
125cc सेगमेंट भारत के सबसे बड़े मोटरसाइकिल मार्केट में गिना जाता है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच इस सेगमेंट में होंडा 17.79 लाख यूनिट बेचकर सबसे आगे रही, जबकि बजाज की बिक्री 7.93 लाख यूनिट रही। हीरो ने 6.17 लाख यूनिट बेचीं और TVS ने 4.27 लाख यूनिट की बिक्री की। इस दौरान बजाज पल्सर 125 की बिक्री में 3 फीसदी की गिरावट आई, जबकि TVS Raider की बिक्री 7 फीसदी बढ़ गई। स्पोर्टी डिजाइन और फीचर्स के चलते रेडर के साथ-साथ हीरो Xtreme 125R जैसी बाइक्स भी पल्सर के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
150cc सेगमेंट में भी हालात बदले हुए हैं। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान 125cc-150cc सेगमेंट में देश के अंदर बिक्री 49.5 फीसदी बढ़ी, लेकिन इसी दौरान बजाज की बिक्री करीब 34 फीसदी तक घट गई। इसका नतीजा यह हुआ कि इस सेगमेंट में बजाज का बाजार हिस्सा करीब 18 फीसदी पर आ गया। अब 125cc बाइक्स में ज्यादा फीचर्स मिलने लगे हैं, वहीं 160cc मोटरसाइकिलें कम कीमत में ज्यादा दमदार परफॉर्मेंस दे रही हैं। इसी वजह से पल्सर 150 अपनी जगह बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।
देश के अंदर बिक्री भले ही कम हो, लेकिन निर्यात बजाज के लिए बड़ा सहारा बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 22.50 लाख वाहन निर्यात किए, जो पिछले साल से 20.8 फीसदी ज्यादा है। इसी दौरान मोटरसाइकिल निर्यात करीब 17 फीसदी बढ़ा। पल्सर के निर्यात में 18 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई और यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में उम्मीद है कि नई पल्सर 125 और 150 देश के साथ-साथ विदेशी बाजार में भी बजाज की कामयाबी बढ़ाएंगी।